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सीहोर : श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से होता है कष्टों का नाश- भागवत भूषण पंडित अरविंद व्यास

श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्रद्धालु हुए भाव विभोर..

सीहोर : श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से होता है कष्टों का नाश- पं व्यास

सीहोर, 29 सितंबर 2025
एमपी मीडिया पॉइंट

श्रीमद्भागवत कथा को भारतीय सनातन परंपरा में आध्यात्मिक ज्ञान और भक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है। कथा के श्रवण से मनुष्य के जीवन में सकारात्मकता आती है और उसे ईश्वर भक्ति की ओर बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। श्रीमद्भागवत कथा कल्पवृक्ष के समान है। इसके श्रवण से व्यक्ति का सोया हुआ भाग्य जागृत होता है, उसकी इच्छाओं की पूर्ति होती है तथा जन्म-जन्मांतर के पाप, दुख और कष्ट दूर होते हैं। उक्तोद्गार पण्डित अरविंद व्यास ने व्यक्त किए।

शहर के बस स्टैंड स्थित गीता मानस भवन में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भागवत भूषण पंडित अरविंद व्यास ने कहा कि कथा सुनने की सार्थकता तभी है, जब इसके संदेश को व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में उतारे। केवल कथा श्रवण करने से नहीं, बल्कि कथा में बताए गए सद्मार्ग, सेवा, भक्ति और सदाचार को जीवन का हिस्सा बनाने से आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। मनुष्य को अपना जीवन आनंदमय और मंगलमय बनाते हुए प्रत्येक क्षण अच्छे कर्म तथा भगवान का भजन करते रहना चाहिए।

मुख्य यजवान ईश्वर जोशी,देवेंद्र जोशी, कैलाश नारायण आचार्य सहित अनेकों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में मंगलवार को कथा के दौरान ‘ध्रुव’ चरित्र और भक्त ‘प्रहलाद’ चरित्र का विस्तार से वर्णन किया गया। दोनों भक्तों की अटूट भक्ति और भगवान के प्रति विश्वास का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

पंडित अरविंद व्यास ने कहा कि ध्रुव और प्रहलाद जैसे भक्तों को भी जीवन में घोर कष्टों का सामना करना पड़ा, लेकिन कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने भगवान के नाम और भक्ति का सहारा नहीं छोड़ा। ईश्वर की प्राप्ति के लिए आयु का कोई बंधन नहीं होता। ध्रुव ने अल्प आयु में ही कठोर साधना के माध्यम से भगवान के दिव्य दर्शन प्राप्त किए।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन की वास्तविकता को समझते हुए हर क्षण अच्छे कर्म करने चाहिए और भगवान का स्मरण करते रहना चाहिए। भक्त प्रहलाद ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सद्मार्ग और ईश्वर भक्ति का मार्ग नहीं छोड़ा।
भक्ति और धर्म के मार्ग पर चलने का दिया संदेश
कथा वाचक ने कहा कि मनुष्य के सामने जीवन में सद्मार्ग और अधर्म के बीच चुनाव की परिस्थितियां आती हैं। भक्त प्रहलाद ने सद्मार्ग का अनुसरण करते हुए भगवान की भक्ति को अपनाया, वहीं हिरण्यकश्यप ने अहंकार और अधर्म का मार्ग चुना। उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

कथा के दौरान भगवान विष्णु के प्रमुख अवतारों में से एक कपिल मुनि के जन्म की कथा का भी वर्णन किया गया। पंडित व्यास ने बताया कि कपिल मुनि को विष्णु जी के 24 अवतारों में प्रमुख अवतारों में माना जाता है और उन्हें अग्नि का अवतार भी कहा जाता है। कथा के अनुसार सतयुग में कर्दम ऋषि ने सरस्वती नदी के तट पर दस हजार वर्षों तक कठोर तपस्या की। उन्होंने भगवान से ऐसी पत्नी की कामना की जो गृहस्थ जीवन के साथ-साथ भक्ति के मार्ग में भी उनका साथ दे। भगवान के निर्देशानुसार उनका विवाह स्वायंभुव मनु की पुत्री देवहूति से हुआ। भगवान विष्णु ने स्वयं उनके पुत्र के रूप में जन्म लेने का वचन दिया और आगे चलकर कपिल मुनि के रूप में अवतार लिया।

सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कल 30 सितंबर को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक गीता मानस भवन में किया जा रहा है।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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