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कुबेरेश्वर धाम सीहोर : कांवड़ यात्रा 25 अगस्त के लिए मुकम्मल प्रशासनिक इंतज़ामात

जिला प्रशासन ने जारी किए प्रभावी दिशा-निर्देश

कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन की तैयारियां पूरी, अधिकारी-कर्मचारी एवं पुलिस बल ड्यूटी पर तैनात,

सीवन नदी घाट से कुबेरेश्वर धाम तक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं,
नदी में उतरने की आवश्यकता नहीं, घाट पर लगाए गए पानी के नल,

श्रद्धालुओं से कलेक्टर की अपील, नदी में न उतरें नल से ही लें जल

सीहोर, 23 अगस्त 2026
एमपी मीडिया पॉइंट

सीहोर में 25 अगस्त को आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम आवागमन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कलेक्टर बालागुरू के. के निर्देशानुसार कांवड़ यात्रा मार्ग को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित कर अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस एवं अन्य सुरक्षा बल अपने-अपने निर्धारित ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात हो चुके हैं। सीवन नदी घाट से कुबेरेश्वर धाम तक सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश, पार्किंग, आपातकालीन व्यवस्थाओं सहित सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं।

कलेक्टर बालागुरू के. ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित रखते हुए किसी भी स्थान पर भीड़ जमा न होने दी जाए। यात्रा मार्ग पर लगातार अनाउंसमेंट किया जाए तथा श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने निर्धारित प्वाइंट पर समय से उपस्थित रहकर आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाओं का संचालन करेंगे।

सीवन नदी घाट पर नदी में उतरे बिना मिलेगा कांवड़ के लिए जल

कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए सीवन नदी घाट पर विशेष व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को नदी में उतरकर जल लेने की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए नदी के ऊपर ही बड़ी संख्या में नल लगाए गए हैं। इन नलों में पंप के माध्यम से सीवन नदी का पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे श्रद्धालु नदी में उतरे बिना ही नलों से अपनी कांवड़ में जल ले सकेंगे। कलेक्टर के निर्देशानुसार किसी भी श्रद्धालु को नदी में उतरने की अनुमति नहीं होगी। घाट पर सुरक्षा दल एवं बोट तैनात रहेंगे तथा सुरक्षा व्यवस्था लगातार निगरानी में रहेगी। घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए आवश्यक बैरिकेडिंग एवं अन्य व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

सीवन नदी घाट से कुबेरेश्वर धाम तक सेक्टर बनाकर तैनाती

कांवड़ यात्रा मार्ग को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित कर प्रत्येक क्षेत्र के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारी अपने-अपने निर्धारित प्वाइंट पर मौजूद रहकर श्रद्धालुओं की आवाजाही, भीड़ नियंत्रण, यातायात एवं अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित दलों को तैयार रखा गया है। यात्रा मार्ग पर सफाई दल लगातार सक्रिय रहेंगे। आवश्यक स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था, सड़क मरम्मत, क्रेन एवं अन्य आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

यात्रा मार्ग पर 05 मेडिकल प्वाइंट, धाम परिसर में भी स्वास्थ्य सेवाएं

श्रद्धालुओं को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यात्रा मार्ग पर मानक बाग, डीमार्ट, चौपाल सागर, परमार ढाबा और मोगराफूल जोड़ सहित पांच मेडिकल प्वाइंट बनाए गए हैं। इसके अलावा कुबेरेश्वर धाम परिसर में वेटिंग एरिया डोम, भगवान शंकर मंदिर, कंकर शंकर पूजा स्थल के सामने, डोम तथा पं. रमेश्वर मिश्रा अस्पताल में मेडिकल प्वाइंट की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पीएचसी गुड़भेला-नापलाखेड़ी जोड़ तथा एसएचसी चितोड़िया हेमा को भी स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ा गया है। इस प्रकार यात्रा मार्ग एवं धाम परिसर में श्रद्धालुओं को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

कुबेरेश्वर धाम में पार्किंग एवं यातायात व्यवस्था

कुबेरेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पार्किंग स्थलों का चिन्हांकन कर वाहनों की सुव्यवस्थित आवाजाही की व्यवस्था की गई है। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस एवं संबंधित अधिकारी तैनात रहेंगे। किसी भी स्थिति में जाम की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए यातायात व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाएगी। प्रवेश एवं निकास द्वार, वेटिंग एरिया, अनाउंसमेंट सिस्टम तथा आपातकालीन व्यवस्थाओं को भी व्यवस्थित किया गया है। श्रद्धालुओं को आवश्यक दिशा-निर्देश एवं भीड़ की स्थिति से संबंधित जानकारी लगातार अनाउंसमेंट के माध्यम से दी जाएगी।

रेलवे स्टेशन पर भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था

कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के ट्रेन से सीहोर आने की संभावना को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर भी विशेष सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा रेलवे प्रशासन और स्टेशन मास्टर से समन्वय बनाए रखा जा रहा है। स्टेशन पर श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने तथा किसी भी प्रकार की दुर्घटना रोकने के लिए आवश्यक बल एवं अधिकारी तैनात रहेंगे। रेलवे द्वारा सीहोर आने-जाने वाली ट्रेनों की समय-सारणी भी जारी की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।

23 अगस्त सुबह 06 बजे से लागू है डायवर्जन प्लान

कांवड़ यात्रा को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जारी मार्ग डायवर्जन प्लान 23 अगस्त को प्रातः 06 बजे से लागू हो गया है जो 25 अगस्त की रात 12 बजे तक लागू रहेगा। आमजन से अपील की गई है कि कांवड़ यात्रा के दौरान असुविधा से बचने के लिए निर्धारित परिवर्तित मार्गों का उपयोग करें।

भोपाल की ओर से आने वाले भारी वाहन थाना परवलिया अंतर्गत मुबारकपुर जोड़ एवं थाना खजूरी अंतर्गत तुमड़ा जोड़ से डायवर्ट होकर श्यामपुर-कुरावर-ब्यावरा-शाजापुर-मक्सी होते हुए देवास-इंदौर जाएंगे। देवास-इंदौर से आने वाले भारी वाहन देवास से डायवर्ट होकर मक्सी-शाजापुर-ब्यावरा-कुरावर-श्यामपुर होते हुए भोपाल जाएंगे।

कन्नौज-खातेगांव की ओर से आने वाले भारी वाहन आष्टा-शुजालपुर-पचोर होते हुए ब्यावरा जा सकेंगे। होशंगाबाद, रेहटी एवं भैरूंदा से इंदौर की ओर जाने वाले भारी वाहन थाना गोपालपुर-कन्नौद-आष्टा होते हुए इंदौर जा सकेंगे।

भोपाल से आष्टा-देवास-उज्जैन-इंदौर जाने वाले छोटे एवं सवारी वाहन सीहोर न्यू क्रिसेंट चौराहा से भाऊखेड़ी जोड़ होते हुए अमलाहा के रास्ते आष्टा, देवास, उज्जैन एवं इंदौर जा सकेंगे। इसी प्रकार इंदौर-उज्जैन-देवास से भोपाल जाने वाले छोटे एवं सवारी वाहन आष्टा-अमलाहा-भाऊखेड़ी जोड़-न्यू क्रिसेंट चौराहा होते हुए भोपाल जा सकेंगे।

डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

कलेक्टर बालागुरू के. ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई व्यक्ति डीजे लेकर आता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यात्रा मार्ग पर लगातार अनाउंसमेंट के माध्यम से भी श्रद्धालुओं को आवश्यक निर्देश एवं सूचनाएं दी जाएंगी।

प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील

जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग एवं व्यवस्थाओं का पालन करें। सीवन नदी में न उतरें और नदी के ऊपर लगाए गए नलों से ही कांवड़ के लिए जल प्राप्त करें। भीड़ वाले स्थानों पर धैर्य बनाए रखें, अनाउंसमेंट के माध्यम से दी जा रही सूचनाओं का पालन करें तथा निर्धारित प्रवेश-निकास एवं पार्किंग व्यवस्था का उपयोग करें।
कलेक्टर ने कहा है कि जिला प्रशासन का उद्देश्य कांवड़ यात्रा में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धामय वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी विभागों, पुलिस एवं अन्य सुरक्षा बलों को आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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