हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त, 08 व्यक्तियों की मौत

मृतकों में ड्राइवर,कण्डेक्टर भी शामिल

हिमाचल में यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त, 08 व्यक्तियों की मौत

मीडिया रिपोर्ट, 08 अगस्त 2026,

शनिवार अलसुबह चंबा ज़िले के चुराह सब-डिविज़न में बैरागढ़-चंबा रोड पर एक दुखद सड़क हादसा हुआ। बैरागढ़ से चंबा जा रही शर्मा ट्रैवल्स की एक प्राइवेट बस, देविकोठी के पास चालुज मोड़ पर अचानक बेकाबू हो गई और नीचे सड़क पर जा गिरी।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस गंभीर हादसे में ड्राइवर और कंडक्टर समेत आठ लोगों की मौत हो गई है। वहीं, करीब सात घायल यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

हादसा सुबह करीब 6:30 बजे हुआ

शुरुआती जानकारी के अनुसार, शर्मा ट्रैवल्स की बस शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे बैरागढ़ से चंबा के लिए निकली थी। बस ने अभी सिर्फ़ तीन किलोमीटर का सफ़र ही तय किया था कि चालुज मोड़ के पास ड्राइवर का बस से नियंत्रण हट गया, जिससे बस नीचे गिर गई।

पता चला है कि हादसे के समय बस में करीब 15 से 16 यात्री सवार थे। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्य में जुट गए। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त बस से घायलों को बाहर निकाला और इलाज के लिए टिस्सा के सिविल अस्पताल पहुंचाया। मौके पर राहत कार्य जारी है और बस को बाहर निकालने की कोशिशें की जा रही हैं। मलबे के नीचे और यात्रियों के फंसे होने की आशंका है।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी
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