जल संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है – राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा
राजस्व मंत्री पहुंचे इछावर के कांकरखेड़ा

- जल संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है – राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा
जल गंगा संवर्धन अभियान सफलता में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है – राजस्व मंत्री
इछावर, 26 मई, 2026
एमपी मीडिया पॉइंट
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत इछावर तहसील के ग्राम कांकड़खेड़ा में तालाब के सुदृढ़ीकरण कार्य का शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री करणसिंह वर्मा ने इस कार्य का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि जल संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है। उन्होंने कहा कि गांवों में तालाब, कुएं और बावड़ियां जल का प्रमुख स्रोत होते हैं, जिनसे लोगों की दैनिक जरूरतें पूरी होती हैं तथा भूजल स्तर भी संतुलित बना रहता है। वर्तमान के कम होते जल स्तर के कारण इन जल स्रोतों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन अत्यंत आवश्यक हो गया है।
राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि जल की प्रत्येक बूंद अमूल्य है और इसके संरक्षण के लिए समाज के हर वर्ग को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से जल संरक्षण का लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सकता, इसके लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। यदि गांव-गांव में तालाबों की सफाई, गहरीकरण, वर्षा जल संचयन तथा जल संरचनाओं के संरक्षण के कार्य लगातार किए जाएं, तो भविष्य में पेयजल और सिंचाई की समस्या को रोका जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान प्रदेशभर में जन आंदोलन का रूप ले चुका है। इस अभियान के माध्यम से नदियों, तालाबों, कुओं एवं अन्य जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को जल संकट जैसी गंभीर परिस्थितियों का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर भाजपा के जिला उपाध्यक्ष कैलाश सुराना, एसडीएम स्वाति मिश्रा, इछावर नगर परिषद अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा, पंकज गुप्ता, अनिल चौहान, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री मयंक सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं ग्रामवासी उपस्थित थे।



