Blog

उर्वरक खरीदने के लिए किसानों को ई-विकास पोर्टल से क्यूआर कोड जनरेट करना अनिवार्य

खाद प्राप्ति के लिए किसानों को गुजरना पड़ेगा इन रास्तों से

उर्वरक खरीदने के लिए किसानों को ई-विकास पोर्टल से क्यूआर कोड जनरेट करना अनिवार्य

सीहोर, 11 जून, 2026
एमपी मीडिया पॉइंट

खरीफ मौसम 2026 को दृष्टिगत रखते हुए जिले में किसानों को उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण की सतत निगरानी की जा रही है ताकि किसानों को आवश्यकतानुसार समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सकें।

कृषि उप संचालक श्री अशोक कुमार उपाध्याय ने बताया कि 11 जून की स्थिति में जिले में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार अधिकृत विक्रेताओं एवं समितियों से उर्वरक प्राप्त करें तथा अनावश्यक भंडारण से बचें। उन्होंने बताया कि अभी जिले में यूरिया 22963 मे‍ट्रिक टन, डीएपी एवं टीएसपी 3020 मे‍ट्रिक टन, एमओपी 283 मे‍ट्रिक टन, एनपीकेएस 9602 मे‍ट्रिक टन, एसएसपी 8722 मे‍ट्रिक टन उपलब्ध है।

किसानों को उर्वरक वितरण प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए ई-विकास पोर्टल के माध्यम से क्यूआर कोड जनरेट करना आवश्यक है। यदि किसी किसान को स्वयं क्यूआर कोड जनरेट करने में कठिनाई आती है, तो उनकी सुविधा के लिए निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं सहकारी समितियों द्वारा भी किसानों को निःशुल्क क्यू आर कोड जनरेट कराए जा रहे हैं। साथ ही किसान निकटतम एमपी ऑनलाइन केंद्र पर जाकर भी मात्र 15 रूपये के निर्धारित शुल्क पर क्यू आर कोड जनरेट करवा सकते हैं।

किसानों से अपील की गई है कि क्यू आर कोड बनवाते समय फसल चयन सावधानीपूर्वक करें तथा सही फसल का ही चयन करें। गलत फसल चयन होने पर भविष्य में उर्वरक प्राप्त करने अथवा अन्य कृषि योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ लेने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

सभी किसान उर्वरक खरीदने से पहले आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करें तथा शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ उठाएं। यदि क्यूआर कोड जनरेशन, फसल चयन अथवा उर्वरक प्राप्ति संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या आती है, तो किसान अपने नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय अथवा कृषि विस्तार अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहायता प्राप्त कर सकते हैं। किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार अधिकृत विक्रेताओं एवं समितियों से उर्वरक प्राप्त करें तथा अनावश्यक भंडारण से बचें एवं दुकानदारों को खाद बोरी पर अंकित मूल्य से अधिक दाम न दें। इसके अलावा यदि कोई समस्या हो तो वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी या सम्बंधित तहसीलदार को बताये।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

Related Articles

Back to top button