आपदा

कोलंबिया में जबरदस्त भूकंप, 20 लोगों की मौत

एयरपोर्ट को भी नुकसान

कोलंबिया में जबरदस्त भूकंप, 20 लोगों की मौत.      एयरपोर्ट को भी नुकसान

मीडिया रिपोर्ट, 10अगस्त 2026

अमेरिकी देश कोलंबिया में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। 7.4 तीव्रता के इस भूकंप से कई इमारतों को नुकसान हुआ है और 20 लोगों की मौत की भी खबर है।भूकंप के झटकों के कारण लोगों को अपने घरों और इमारतें खाली करनी पड़ीं।भूकंप के झटके राजधानी बोगोटा और पड़ोसी देश वेनेदुएला और इक्वाडोर तक महसूस किए गए।

7.4 तीव्रता का भूकंप

भूकंप का केंद्र बोगोटा से लगभग 400 किलोमीटर पश्चिम में सैन होजे डेल पाल्मर के पास था। कोलंबिया की नेशनल यूनिट फॉर डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 7. थी और यह 79 किलोमीटर की गहराई पर आया था।चोको की गवर्नर नूबिया कौरोलिना कॉर्डोबा-क्यूरी ने बताया कि प्रांतीय राजधानी क्विबडो में लोग घायल हुए हैं और इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि, अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं।

भूकंप के बाद आने वाले झटकों की भी चेतावनी

उन्होंने भूकंप के बाद आने वाले झटकों की भी चेतावनी दी दी। गर्वनर नूबिया कौरोलिना कॉर्डोबा-क्यूरी ने एक्स पर कहा कि हमने अभी-अभी चोको प्रांत में एक बड़े भूकंप का अनुभव किया है। हमें भूकंप के बाद आने वाले झटकों की चिंता है। हालांकि भूकंप केंद्र सैन होजे डेल पाल्मर के पास था, लेकिन राजधानी क्विबडो में लोग घायल हुए हैं और इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी
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