उत्तराखण्ड

देखते ही देखते टूटा पुल, वाहन समेत BRO ड्राइवर लापता

चमोली (उत्तराखण्ड) में बारिश ने बरपाया कहर

मिनटों में सब तबाह! उत्तराखंड के चमोली में कुदरत का कहर, देखते ही देखते टूटा पुल, वाहन समेत BRO ड्राइवर लापता

मीडिया रिपोर्ट, 11अगस्त 2026

उत्तराखंड के चमोली जिले में मंगलवार (11 अगस्त) को मौसम ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया. मलारी-नीती राष्ट्रीय राजमार्ग पर तमक नाले में अचानक आई बाढ़ ने कुछ ही पलों में भारी तबाही मचा दी.

तेज बहाव इतना शक्तिशाली था कि उसने सड़क पर बने बेली ब्रिज को ही बहा दिया. इसी दौरान एक वाहन भी पानी की चपेट में आ गया. हादसे में सीमा सड़क संगठन के एक चालक के लापता होने की जानकारी सामने आई है.
बताया जा रहा है कि चमोली क्षेत्र में बादल फटने और लगातार हो रही तेज मानसूनी बारिश के कारण तमक नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया. देखते ही देखते नाला उफनती धारा में बदल गया. इसी दौरान मलारी-नीती मार्ग पर बना बेली ब्रिज तेज पानी के दबाव को नहीं झेल सका और भरभराकर बह गया. पुल के टूटने से इलाके में सड़क संपर्क भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

पुल टूटने से कई गांवों का संपर्क प्रभावित

यह पुल ज्योतिर्मठ को सीमा से लगे इलाकों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग का हिस्सा था. इसके क्षतिग्रस्त होने के बाद नीती और जुम्मा समेत करीब एक दर्जन गांवों तक पहुंच प्रभावित हुई है. सीमा क्षेत्र की ओर जाने वाला संपर्क भी बाधित हो गया है. प्रशासन की टीम नुकसान का आकलन कर रही है और वैकल्पिक रास्ते तैयार करने की कोशिश की जा रही है.

हादसे के दौरान सीमा सड़क संगठन के चालक पंकज भी तेज बहाव की चपेट में आ गए. पंकज पिथौरागढ़ जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं. जानकारी के मुताबिक वह नाले में बढ़े पानी को देख रहे थे, तभी अचानक पुल ढह गया और वह तेज धारा में बह गए. उनका अभी तक पता नहीं चल सका है. एक वाहन के भी पानी में बहने की सूचना है.

मौके पर पहुंची राहत और बचाव टीमें

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया. राज्य आपदा मोचन बल और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमों को मौके पर भेजा गया है. स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं. लापता चालक की तलाश के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है.पुल टूटने के बाद आसपास के कुछ मार्गों पर आवाजाही भी रोक दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि सड़क संपर्क बहाल करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने पर काम शुरू कर दिया गया है. प्रशासन के अनुसार परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो अगले एक-दो दिनों में यातायात बहाल करने की कोशिश की जा रही है.

तमक नाले में पहले भी सामने आई है तबाही

तमक नाला क्षेत्र में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं नई नहीं हैं. पिछले कुछ वर्षों में भारी बारिश के दौरान यहां सड़क मार्ग कई बार बाधित हुआ है. अचानक आने वाले तेज बहाव के साथ बड़ी मात्रा में मलबा नीचे की ओर आता है, जिससे आसपास की सड़कें और जलधाराएं प्रभावित होती हैं. नजदीकी धौलीगंगा नदी में भी कई बार बाढ़ का मलबा पहुंचने से स्थिति गंभीर हुई है.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने निचले इलाकों में भी एहतियाती कदम उठाने को कहा है. साथ ही सीमा क्षेत्र से जुड़े गांवों में राशन, भोजन, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी
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