धार्मिक पर्वभोपाल

इछावर : आज धनतेरस से शुरु हुआ दीपोत्सव पर्व- 2026, चमकदार हुए बाजार

धनतेरस पर विशेष पूजा-अर्चना

  • आज धनतेरस से शुरु हुआ दीपोत्सव पर्व- 2026

भोपाल/इछावर, 06 नवंबर 2026
एमपी मीडिया पॉइंट

समूचे राष्ट्र में आज धनतेरस से दीपावली पर्व की शुरुआत हो गई है। यह त्यौहार सनातन धर्मावलंबियों में सुख,शांति,समृद्धि, वैभव के आगमन का प्रतीक माना जाता है। धनतेरस,रुप चौदस,दीपावली,भाई दूज तक प्रत्येक दिवस का अपना धार्मिक महत्व है। धनतेरस के अवसर पर ज्यादातर घरों में ‘विशेष धातु’ के पात्र (बर्तन) खदीदना शुभ माना जाता है। सोना,चांदी,पीतल एवं ताम्रपत्र खरीदने में लोगों की रुचि विशेष रुप से देखी जाती है।
यही कारण है कि इन दिनों बर्तन एवं सराफा बाजार ज्यादागुलजार नजर आते हैं।

भावताव की बात

ताजा जानकारी के मुताबिक देशभर के अलग-अलग बाजारों में 24 कैरेट सोना मोटा-माटी 1.46 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब मिल रहा है. वहीं चांदी लोकल मार्केट में 2 लाख प्रति किलो से ऊपर है।

       देश भर के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट (शुद्ध) सोने की कीमतों में मामूली अंतर दर्ज किया गया है. राजधानी दिल्ली, जयपुर और लखनऊ में 24 कैरेट सोने का भाव सबसे अधिक 1,46,180 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ है. वहीं, अहमदाबाद और वडोदरा में यह 1,46,080 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है. इसके अलावा मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, केरल, पुणे और कोयंबटूर में 24 कैरेट सोना 1,46,030 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

यहां पाठकों से विशेष निवेदन है कि वह अपनी आर्थिक क्षमतानुसार ही खरीदी करें। और यह भी जरुरी नहीं कि वह खरीदी करें हीं।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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