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सीहोर : पत्रकार आशीष गुप्ता को पितृशोक, समर्पण और कला की अमिट छाप छोड़ गए “उस्ताद” राधाकिशन गुप्ता

झांकियां निर्माण के अद्भभुत कलाकार थे स्व. गुप्ता

सीहोर : पत्रकार आशीष गुप्ता को पितृशोक,
समर्पण और कला की अमिट छाप छोड़ गए “उस्ताद” राधाकिशन गुप्ता

सीहोर, 15 अप्रैल 2025
एमपी मीडिया पॉइंट

नगर के वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक सरोकारों से गहराई से जुड़े और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले आशीष गुप्ता के पूज्य पिताश्री, राधाकिशन गुप्ता ‘उस्ताद’ के निधन का अत्यंत हृदयविदारक समाचार प्राप्त हुआ है। उनके निधन गुप्ता परिवार सहित समूचा शहर शोकसागर में डूब गया है। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे, किंतु उनके निधन का समाचार जैसे ही लोगों तक पहुंचा, हर कोई स्तब्ध और भावुक हो उठा।

स्वर्गीय राधाकिशन गुप्ता ‘उस्ताद’ केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि अपने आप में एक युग, एक पहचान और एक प्रेरणा थे। वे उन विरले लोगों में से थे, जिन्होंने अपने जीवन को कला, संस्कृति और समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया। झांकी निर्माण की कला में उनका नाम अत्यंत सम्मान और आदर के साथ लिया जाता था। उनकी बनाई हुई झांकियां केवल सजावट या प्रदर्शन का माध्यम नहीं होती थीं, बल्कि वे जीवंत भावनाओं, आध्यात्मिकता और भक्ति का साक्षात रूप प्रतीत होती थीं।

विशेष रूप से अनंत चतुर्दशी जैसे पावन पर्वों पर उनकी कृतियां जन-जन के आकर्षण का केंद्र बन जाती थीं। उनकी झांकियों में पौराणिक कथाओं का सजीव चित्रण, रंगों का संतुलन, सूक्ष्मता और भावनात्मक गहराई इस प्रकार समाहित होती थी कि देखने वाला व्यक्ति स्वयं को उस दृश्य का हिस्सा महसूस करने लगता था। उनकी कला में केवल हाथों की कुशलता ही नहीं, बल्कि हृदय की गहराइयों से उपजा हुआ समर्पण और श्रद्धा झलकती थी।

‘उस्ताद’ की उपाधि उन्हें समाज ने उनके अद्वितीय योगदान के कारण दी थी। यह केवल एक नाम नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व, उनके कौशल और उनके समर्पण की सच्ची पहचान थी। उन्होंने अपने जीवन में कभी प्रसिद्धि या प्रशंसा की चाह नहीं रखी, बल्कि निस्वार्थ भाव से अपने कार्य को ही अपनी साधना माना।

नगर कर बड़ा बाजार स्थित अग्रवाल धर्मशाला के निर्माण कार्य में उनकी सक्रिय भागीदारी उनके समाज के प्रति समर्पण को दर्शाती है। उन्होंने सदैव समाजहित को सर्वोपरि रखा और अपने कर्मों के माध्यम से यह सिद्ध किया कि सच्चा सम्मान सेवा और समर्पण से ही प्राप्त होता है।

उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। पत्रकार, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी वर्ग और आम नागरिक—सभी अपने प्रिय ‘उस्ताद’ को अंतिम विदाई एवं श्रद्दांजलि अर्पित की।
एमपी मीडिया पॉइंट की ओर से भी पत्रकार आशीष भाई के पिताश्री स्व. गुप्ता जी को शब्दों के साथ श्रद्धा सुमन अर्पित हैं।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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