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हरदा में करणी सेना परिवार का जनक्रांति आंदोलन : लाठीचार्ज के खिलाफ नेहरू स्टेडियम में उमड़ा जनसैलाब

करणी सेना का अभूतपूर्व संदेश

हरदा में करणी सेना परिवार का जनक्रांति आंदोलन
– हीरे की धोखाधड़ी से शुरू हुआ न्याय का महाआंदोलन!
– अध्यक्ष की मांग- प्रशासन लिखित मेें दे मजिस्ट्रियल जांच का भरोसा
– लाठीचार्ज के खिलाफ नेहरू स्टेडियम में उमड़ा जनसैलाब

हरदा(एमपी), 21 दिसंबर 2025
एमपी मीडिया पॉइंट

करणी सेना परिवार की ओर से आयोजित जन क्रांति न्याय आंदोलन ने व्यापक रूप धारण कर लिया है। पुलिस लाठीचार्ज के विरोध की आग बढ़ती जा रही है। हरदा जिले के नेहरू स्टेडियम में भारी संख्या में लोगों का जनसैलाब देखने को मिल रहा है। चारों तरफ लोगों की मौजूदगी से पूरा नेहरू स्टेडियम खचाखच भरा हुआ है। घटना के विरोध में सर्व समाज के लोग एकजुट होकर यहां पहुंचे हैं। आंदोलन में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हैं।

बता दें यह आंदोलन 12-13 जुलाई को करणी सेना परिवार एवं राजपूत समाज के लोगों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध को लेकर है। प्रशासन ने आंदोलन के आयोजन के लिए नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम की अनुमति दी है। समाज की ओर से 21 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं। आंदोलन में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। नेहरू स्टेडियम और आसपास के पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। फिलहाल माहौल शांतिपूर्ण बना हुआ है, लेकिन प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।

यहां से शुरू हुआ विवाद
इस आंदोलन की तैयारी पिछले तीन महीनों से जारी है। करणी सेना आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए गांव-गांव जाकर जन जागरण अभियान चला रखा है। दरअसल विवाद की वजह एक हीरा है। राजपूत समाज के एक युवक ने एक व्यापारी से हीरे का सौदा किया था, लेकिन व्यापारी ने हीरे की खरीद में धोखाधड़ी की। आरोप है कि व्यापारी ने युवक को असली हीरे के बदले नकली हीरा थमा दिया था। थाने में शिकायत की गई मगर कार्रवाई नहीं हुई तो करणी सेना सक्रिय हुई। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव किया गया। इस विरोध के दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठियां बरसा दीं। करणी सेना के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर पर भी लाठीचार्ज किया गया। उन्हें एक दिन के लिए जेल बंद किया गया। इसके बाद से 21 दिसंबर को हरदा में बड़े आंदोलन की तैयारी की गई।

पहली बार हरदा में इतनी बड़ी भीड़
करणी सेना के इस आंदोलन में मध्य प्रदेश के लगभग सभी जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी लोग पहुंचे हैं। आयोजकों के अनुसार, करीब 50 हजार से अधिक लोग नेहरू स्टेडियम में मौजूद हैं। हालात यह रहे कि स्टेडियम में लोगों को बैठने तक की जगह नहीं मिल पा रही है। हरदा में यह पहला मौका है जब किसी आंदोलन में इतनी बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए हैं।

करणी सेना प्रमुख भूख हड़ताल पर
करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर 21 सूत्रीय मांगों को लेकर 14 दिसंबर से भूख हड़ताल पर हैं। आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल पर बैठने वालों की संख्या बढ़ सकती है। हालांकि जिला प्रशासन ने आंदोलन के लिए केवल एक दिन की अनुमति दी है, लेकिन जीवन सिंह शेरपुर का कहना है कि जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं मानती, आंदोलन जारी रहेगा। अब प्रशासन आगे क्या कदम उठाएगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

लाठीचार्ज की घटना से उपजा आक्रोश

मामले की शुरुआत एक राजपूत युवक द्वारा हीरा खरीदे जाने से हुई थी। आरोप है कि व्यापारी ने असली हीरे की जगह नकली हीरा थमा दिया। युवक ने थाने में शिकायत भी की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से नाराज करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने 12 और 13 जुलाई को थाने का घेराव किया। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर भी घायल हुए थे। तभी से समाज में भारी आक्रोश बना हुआ है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

जन क्रांति आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे शहर में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने 5 स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया है। प्रदर्शन स्थल से लेकर जिले के सभी प्रवेश और निकास मार्गों पर पुलिस बल तैनात है। एक दिन पहले पुलिस ने फ्लैग मार्च भी निकाला, जिसमें 3 जिलों की पुलिस और 10 कंपनियां शामिल रहीं।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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