इछावर में चल रहे राष्ट्र समृद्धि महायज्ञ में सीहोर जिले के नर-नारियों की अविस्मरणीय आहुतियाँ
आध्यात्म में डूबा इछावर-सीहोर क्षेत्र

इछावर में चल रहे राष्ट समृद्धि महायज्ञ में सीहोर जिले के नर-नारियों की अविस्मरणीय आहुतियाँ
इछावर/सीहोर, 06 मई 2026
एमपी मीडिया पॉइंट
ग्राम देवी दशहरा मैदान, इछावर में चल रहे विराट 24 कुण्डीय राष्ट्र शक्ति समृद्धि गायत्री महायज्ञ के तृतीय दिवस (5 मई 2026) पर वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक ऊर्जा, श्रद्धा और संस्कारमयी चेतना से ओतप्रोत रहा।
प्रातःकालीन बेला में वैदिक मंत्रों के मधुर उच्चारण के साथ सामूहिक जप, ध्यान एवं प्रज्ञा योग साधना का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाई-बहनों ने भाग लेकर आत्मशुद्धि एवं लोकमंगल की कामना की।
इस पावन अवसर पर 72 श्रद्धालु परिजनों ने गुरुदीक्षा ग्रहण कर अपने जीवन को सद्पथ पर अग्रसर करने का संकल्प लिया। साथ ही, 1100 दीपकों से भव्य दीपयज्ञ संपन्न हुआ, जिसकी दिव्य ज्योति ने समूचे वातावरण को आलोकित करते हुए जन-जन के हृदय में नवचेतना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।
विशेष उल्लेखनीय रहा कि धामन्दा क्षेत्र से आईं 50 देवकन्याओं ने भी यज्ञ में सहभागी होकर अपने पावन भावों से इस आयोजन की गरिमा को और अधिक बढ़ाया। संस्कार महोत्सव के अंतर्गत 12 विद्या आरंभ संस्कार भी संपन्न कराए गए, जिनके माध्यम से बालकों के उज्ज्वल भविष्य हेतु वैदिक परंपरा का शुभारंभ किया गया।
संस्कार महोत्सव के अंतर्गत अन्य वैदिक संस्कार भी संपन्न कराए गए, जिनके माध्यम से जनमानस को भारतीय संस्कृति के मूल्यों से जोड़ने का प्रेरणादायी प्रयास किया गया। यज्ञशाला में वेद-मंत्रों की गूंज एवं आहुतियों की सुगंध ने सभी को अद्भुत शांति और दिव्यता का अनुभव कराया।
इस अवसर पर उपझोन प्रभारी श्री रघुनाथ प्रसाद हजारी जी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए यज्ञ के आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डाला तथा सभी को जीवन में नैतिकता, संयम और सेवा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कार्यक्रम में जिला समन्वयक सीहोर प्रेमलाल कुशवाह जी एवं गायत्री शक्तिपीठ सीहोर की ट्रस्टी श्रीमती रमिला परमार की विशेष उपस्थिति रही।
महायज्ञ में आसपास के क्षेत्रों—भैरूंदा, बुधनी, धामन्दा, आष्टा, नर्मदापुरम, सीहोर, श्यामपुर, बरखेड़ा, भाऊखेड़ी आदि स्थानों से बड़ी संख्या में परिजनों ने सहभागिता कर इस आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाया।
यह महायज्ञ जन-जन में सद्बुद्धि, सद्भावना एवं राष्ट्र निर्माण की चेतना जागृत करने का एक पावन प्रयास है, जिसमें क्षेत्रीय नागरिकों का उत्साहपूर्ण सहयोग निरंतर प्राप्त हो रहा है।



