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निरीक्षण के दौरान सीएसपी ने कहा- कहीं भी कार्बाइड गन बनती या बिकती दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें

चौकन्ना हुआ पुलिस प्रशासन

निरीक्षण के दौरान सीएसपी ने कहा- कहीं भी कार्बाइड गन बनती या बिकती दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें

सीएसपी एवं एसडीएम द्वारा पटाखा दुकानों एवं गोदामों का संयुक्त निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था के दिए सख्त निर्देश

सीहोर, 30 अक्तूबर 2026
एमपी मीडिया पॉइंट

दीपावली पर्व को दृष्टिगत रखते हुए आज 30 अक्तूबर को नगर पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिनंदना शर्मा एवं एसडीएम तन्मय वर्मा द्वारा संयुक्त रूप से कोतवाली एवं मंडी क्षेत्र में पटाखा विक्रेताओं की दुकानों तथा उनके गोदामों का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दुकानों के लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर, अग्निशमन यंत्र, रेत-बाल्टी, पानी की व्यवस्था एवं सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की गई।
विक्रेताओं को पटाखों का भंडारण सुरक्षित तरीके से करने, दुकान के आसपास ज्वलनशील पदार्थ न रखने तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने हेतु निर्देशित किया गया।

इस अवसर पर अधिकारियों द्वारा विक्रेताओं को स्पष्ट रूप से हिदायत दी गई कि मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार कार्बाइड गन / कार्बाइड लैंप का निर्माण, क्रय-विक्रय, भंडारण एवं उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है,
यदि कोई व्यक्ति कार्बाइड गन बनाते, बेचते अथवा उपयोग करते पाया गया तो उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

सीएसपी डॉ. अभिनंदना शर्मा ने पटाखा विक्रेताओ एवं दुकानदारों से भी अपील की है कि कहीं भी कार्बाइड गन बनती या बिकती दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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