हादसा

पाकिस्तान के पेशावर में स्कूल की छत गिरने से 28 छात्र एवं एक शिक्षक की मौत,
क्लास रुम में पढ़ाई के दौरान बच्चों के ऊपर अचानक गिरी छत,
अस्पताल में इमरजेंसी…

मीडिया रिपोर्ट, 15 अक्तूबर 2026

पाकिस्तान के पेशावर में स्कूल की छत गिरने से 28 बच्चों और एक शिक्षक की मौत हो गई है. लेडी रीडिंग अस्पताल (LRH) के प्रवक्ता मुहम्मद आसिम ने पाकिस्तान के मशहूर अखबार डॉन को बताया कि इस घटना में 28 छात्रों की मौत हुई है।

बच्चों की उम्र 7 से 12 साल के बीच है।

इसके अलावा, एक महिला शिक्षिका की भी मौत हो गई. उन्होंने बताया कि 21 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 5 की हालत गंभीर है. उन्होंने कहा कि अस्पताल में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है.

पेशावर के डिप्टी कमिश्नर अफाक वजीर ने बताया कि ‘अल खैर स्कूल’ की छत गिर गई, जिससे छात्र मलबे के नीचे दब गए. उनके कार्यालय से जारी एक बयान के अनुसार, यह घटना तब हुई जब छात्र क्लासरूम में मौजूद थे. बयान में आगे कहा गया कि बच्चों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है और बचावकर्मी मलबा हटाने में जुटे हैं.

‘रेस्क्यू 1122’ के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी ने पहले बताया था कि बचाव दल ने छात्रों और शिक्षकों सहित लगभग 20 लोगों को अस्पताल पहुंचाया है. उस समय, LRH का हवाला देते हुए उन्होंने बताया था कि इस घटना में 4 लोगों की मौत हुई है।

खैबर पख्तूनख्वा (KP) के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने स्कूल की छत गिरने से बच्चों की मौत पर दुख जताया है. उन्होंने घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और अधिकारियों को छत गिरने के कारणों का पता लगाने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा, “मासूम बच्चों की जान जाना एक बेहद दर्दनाक त्रासदी है.” उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की. उन्होंने घायल बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की और संबंधित अधिकारियों को उन्हें हर संभव बेहतरीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. घटना के बारे में सुनकर मौके पर पहुंचे एक अभिभावक समीउल्लाह ने ‘डॉन’ से बातचीत में कहा, “मैंने आठ साल से कम उम्र की तीन बच्चियों को बचाया. सुबह करीब 8:50 बजे मुझे घर से फोन आया और वहां पहुंचने में मुझे 10 मिनट लगे. मैं सुबह 9 बजे के आसपास वहां पहुंच गया. हमारे छह बच्चे इस स्कूल में पढ़ते हैं.”

उन्होंने बताया, “जब मैंने इमारत देखी, तो मुझे लगा कि मेरा बेटा भी मर गया होगा, जो ग्राउंड फ्लोर पर पढ़ता था, जहां पहली मंजिल ढह गई थी. लेकिन वह पानी पीने के लिए अपनी क्लास से बाहर गया हुआ था.” पाकिस्तान में छत और इमारतों का ढहना आम बात है, जिसका मुख्य कारण खराब सुरक्षा मानक और निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल होना है।

जुलाई में, उमरकोट के पास एक सरकारी प्राइमरी स्कूल की बाहरी दीवार का एक हिस्सा ढह गया, जिसके मलबे के नीचे दबने से 3 से 13 साल की तीन बच्चियों की मौत हो गई।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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