मध्यप्रदेश

सीहोर : डीईओ पहुंची निरीक्षण के लिए तो एक स्कूल बंद, दूसरे स्कूल में नहीं मिला एक भी छात्र, थमाया कारण बताओ नोटिस

जिला शिक्षा अधिकारी ने किया स्कूलों का औचक निरीक्षण

डीईओ पहुंची निरीक्षण के लिए तो एक स्कूल बंद, दूसरे स्कूल में नहीं मिला एक भी छात्र, थमाया कारण बताओ नोटिस

सीहोर, 27 अगस्त 2026
एमपी मीडिया पॉइंट

जिला शिक्षा अधिकारी सुश्री शीलू शर्मा ने 27 अगस्त को जिले के शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान दोपहर 2.45 बजे प्राथमिक शाला जाजनखेड़ी बंद पाई गई। शाला के बंद मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रधानाध्यापक को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया।

इसी क्रम में हाई स्कूल खजुरियाकला का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय विद्यालय में एक भी छात्र उपस्थित नहीं पाया गया। साथ ही शाला की व्यवस्थाएं भी सुचारु नहीं मिलीं। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्य को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और विद्यालयों का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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