उत्तरप्रदेश

कानपुर प्लेन क्रैश : उड़ान भरने के 20 मिनट के अंदर ही हो गया हादसा

ट्रेनिंग फ्लाइट हादसे में दो की मौत...

11:30 बजे भरी थी उड़ान, 20 मिनट बाद खेत में बिखरा विमान… कानपुर प्लेन क्रैश की दास्तान

कानपुर, 27 अगस्त 2026
मीडिया रिपोर्ट

कानपुर में गुरुवार को हुआ ट्रेनिंग विमान हादसा कई सवाल छोड़ गया। सुबह सब कुछ सामान्य था। एक प्रशिक्षु पायलट और अनुभवी प्रशिक्षक ट्रेनिंग फ्लाइट के लिए विमान में सवार हुए, लेकिन उड़ान भरने के करीब 20 मिनट बाद विमान गंगा किनारे एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

हादसे में दोनों की जान चली गई। आइए जानते हैं उस आखिरी उड़ान की पूरी टाइमलाइन।

सुबह 11:30 बजे: ट्रेनिंग फ्लाइट ने भरी उड़ान

जानकारी के मुताबिक, ट्विन-इंजन और चार सीटों वाला ट्रेनिंग विमान कानपुर के गर्ग एविएशन ट्रेनिंग सेंटर से सुबह करीब 11:30 बजे रवाना हुआ। विमान स्थानीय फ्लाइंग एरिया में प्रशिक्षण उड़ान पर था।

विमान में दो लोग मौजूद थे। इनमें एक प्रशिक्षु पायलट और दूसरा इंस्ट्रक्टर था। मृतकों की पहचान गुजरात निवासी सचिन भाटिया और कर्नाटक निवासी अभिषेक पुजारी के रूप में हुई।
हादसे में दोनों की जान चली गई। आइए जानते हैं उस आखिरी उड़ान की पूरी टाइमलाइन।

सुबह 11:30 बजे: ट्रेनिंग फ्लाइट ने भरी उड़ान

जानकारी के मुताबिक, ट्विन-इंजन और चार सीटों वाला ट्रेनिंग विमान कानपुर के गर्ग एविएशन ट्रेनिंग सेंटर से सुबह करीब 11:30 बजे रवाना हुआ। विमान स्थानीय फ्लाइंग एरिया में प्रशिक्षण उड़ान पर था।

विमान में दो लोग मौजूद थे। इनमें एक प्रशिक्षु पायलट और दूसरा इंस्ट्रक्टर था। मृतकों की पहचान गुजरात निवासी सचिन भाटिया और कर्नाटक निवासी अभिषेक पुजारी के रूप में हुई।
विमान गंगा नदी के किनारे स्थित एक खेत के पास गिरा। हादसे के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। विमान करीब 11:50 बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

खेत में बिखर गए विमान के टुकड़े

घटनास्थल से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दिया। उसका ढांचा टूट चुका था, धातु के हिस्से मुड़े हुए थे और पंख समेत कई हिस्से खेत में बिखरे पड़े थे। सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं। पूरे इलाके को सुरक्षित कर जांच शुरू की गई।

3,000 घंटे का अनुभव, फिर भी नहीं बची जान

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के मुताबिक, विमान में मौजूद इंस्ट्रक्टर के पास करीब 3,000 घंटे का उड़ान अनुभव था। इसके बावजूद यह ट्रेनिंग फ्लाइट हादसे का शिकार हो गई।

दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

अब DGCA और AAIB की जांच से खुलेगा राज

हादसे की सूचना DGCA और Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) को दे दी गई है। संबंधित एजेंसियां घटनास्थल और विमान से जुड़े तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जांच करेंगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सिर्फ 20 मिनट की उड़ान के दौरान आखिर क्या हुआ, जिससे विमान नियंत्रण खो बैठा? इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी
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