भोपाल-मंदसौर का सफर होगा आसान, एक्सप्रेसवे निर्माण पर लगे सील-सिक्के
कदम फिर सफर के रफ्तार की ओर..

भोपाल-मंदसौर का सफर होगा आसान, एक्सप्रेसवे निर्माण पर लगे सील-सिक्के
हाइलाइट्स
भोपाल से उदयपुर 6 घंटे में, रतलाम, नीमच, जयपुर, अलवर तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी, एमपी-राजस्थान के बीच तेज रफ्तार ,
💯✔ भोपाल-मंदसौर एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल चुकी है. जिससे मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच कनेक्टिविटी मजबूत हो जाएगी. भोपाल की जयपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर जैसे शहरों से दूरी कम हो जाएगी.
भोपाल से उदयपुर 6 घंटे में, रतलाम, नीमच, जयपुर, अलवर तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी, MP-राजस्थान के बीच तेज रफ्तारभोपाल मंदसौर एक्सप्रेसवे
भोपाल, 22 अगस्त 2026
एमपी मीडिया पॉइंट
भोपाल से मंदसौर के बीच बनने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच अहम प्रोजेक्ट है. यह एक्सप्रेसवे भोपाल को सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा. इसके अलावा मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच कनेक्टिविटी भी और तेज होगी. यह एक्सप्रेसवे भोपाल से निकलकर सीहोर, शाजापुर, रतलाम नीमच से मंदसौर तक जाएगा. जबकि आगे राजस्थान के उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और कोटा और उदयपुर तक का सफर और आसान हो जाएगा. 258 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट को एमपी सरकार की तरफ से हरी झंडी मिल चुकी है. जबकि मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) की तरफ से इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार की जा रही है. भोपाल और मंदसौर की दूरी में भी बड़ा फर्क आएगा और दोनों शहरों के बीच की यात्रा 7 घंटे की जगह 3.5 घंटे में ही पूरी हो जाएगी.
मध्य प्रदेश राजस्थान के बीच कनेक्टिविटी
भोपाल मंदसौर एक्सप्रेसवे को राज्य सरकार की तरफ से हरी झंडी मिलने के बाद अब काम में तेजी आने की उम्मीद की जा रही है. यह मध्य प्रदेश के मालवा के प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगा. जबकि मंदसौर में राजस्थान की सीमा तक जाएगा. ऐसे में दोनों राज्यों के प्रमुख शहर इस एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होंगे.
भोपाल-मंदसौर की दूरी होगी कम
इस एक्सप्रेसवे के बनने से भोपाल और मंदसौर जैसे दो बड़े शहरों की दूरी भी कम हो जाएगी. क्योंकि अभी तक भोपाल से मंदसौर जाने के लिए पारंपरिक और व्यस्त राज्य मार्गों से होकर गुजरना पड़ता है, जिसकी कुल दूरी करीब 350 किलोमीटर हो जाती है, यात्रा का समय 7 से 8 घंटे तक का हो जाता है. लेकिन इसके निर्माण से भोपाल से मंदसौर के बीच की दूरी सीधे 100 किलोमीटर कम हो जाएगी और यह घटकर मात्र 250 किलोमीटर रह जाएगी. जबकि यात्रा का समय भी घटकर सिर्फ 3.5 से 4 घंटे रह जाएगा.



