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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी में भव्य आयोजन, NARL के सहयोग से GNSS रिसीवर स्थापित कर अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान को दी नई दिशा

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वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी ने NARL के सहयोग से GNSS रिसीवर स्थापित कर अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान को दी नई दिशा

सीहोर, 15 अगस्त 2026
एमपी मीडिया पॉइंट

जिले के कोठरी स्थित वीआईटी भोपाल युनिवर्सिटी में स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। ध्वजारोहण के पश्चात छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए साथ ही बौद्धिक का आयोजन भी किया गया।

इस अवसर पर विभिन्न जानकारी देते हुए बताया गया कि भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग के अंतर्गत कार्यरत “राष्ट्रीय वायुमंडलीय अनुसंधान प्रयोगशाला (National Atmospheric Research Laboratory – NARL)” ने एक सहयोगात्मक पहल के तहत वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी में आयनोस्फीयर और अंतरिक्ष मौसम (Space Weather) के अवलोकन के लिए अपनी ‘नॉर्थ–साउथ चेन फॉर आयनोस्फीयर एंड स्पेस वेदर ऑब्जर्वेशन’ के अंतर्गत GNSS रिसीवर प्रणाली स्थापित की है। यह अत्याधुनिक सुविधा विश्वविद्यालय की अंतरिक्ष विज्ञान अनुसंधान क्षमताओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके साथ ही यह वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी में अंतरिक्ष मौसम, स्वदेशी नेविगेशन प्रौद्योगिकियों और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में सहयोगात्मक अनुसंधान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

यह उन्नत GNSS रिसीवर आयनोस्फीयर से जुड़े महत्वपूर्ण मानकों की निरंतर निगरानी को सक्षम बनाएगा। इनमें टोटल इलेक्ट्रॉन कंटेंट (Total Electron Content – TEC), आयनोस्फेरिक सिंटिलेशन, सिग्नल क्षरण (Signal Degradation), लॉस ऑफ लॉक (Loss of Lock) और भूमध्यरेखीय प्रक्रियाओं के साथ-साथ सौर एवं भू-चुंबकीय गतिविधियों के कारण उत्पन्न होने वाले गतिशील आयनोस्फेरिक विक्षोभ (Travelling ionospheric Disturbances) शामिल हैं। इस सुविधा से प्राप्त डेटा आयनोस्फेरिक विज्ञान, अंतरिक्ष मौसम, भूगणित (Geodesy) तथा पोजिशनिंग, नेविगेशन और टाइमिंग (Positioning, Navigation and Timing – PNT) अनुप्रयोगों से जुड़े अनुसंधान को समर्थन प्रदान करेगा। साथ ही, यह उपग्रह नेविगेशन और पृथ्वी अवलोकन के क्षेत्र में भारत की बढ़ती वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत करने में योगदान देगा।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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