साइबर अपराध के लिए ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ खुलवाने वाले मुख्य आरोपी को सीहोर पुलिस ने किया गिरफ्तार,अब तक कुल ₹493600/- के ट्रांजेक्शन का खुलासा
Meule(म्यूल) अकाउंट बैंक आफ महाराष्ट्र का

साइबर अपराध के लिए ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ खुलवाने वाले मुख्य आरोपी को सीहोर पुलिस ने किया गिरफ्तार,अब तक कुल ₹493600/- के ट्रांजेक्शन का खुलासा
सीहोर(मप्र), 12 अगस्त 2026
एमपी मीडिया पॉइंट
पुलिस के द्वारा साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत महत्वपूर्ण सफलता सीहोर पुलिस को प्राप्त हुई जबकि म्यूल अकाउंट खुलवाने वाले आरोपी का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन में पुलिस द्वारा चलाई जा रही अपराध विरोधी अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ प्रशांत चौबे एवं नगर पुलिस अधीक्षक अभिनंदना शर्मा के नेतृत्व में थाना प्रभारी कोतवाली एवं साइबर सेल सीहोर के द्वारा लोगों से रुपए देकर म्यूल अकाउंट खुलवाने और अकाउंट में साइबर अपराधियों का बड़ी मात्रा में रुपया ट्रांजैक्शन कराने वाले आरोपी सुंदर लाल अहिरवार पिता तुलसीराम अहिरवार 47 वर्ष निवासी संजय कालोनी, मंडी सीहोर को गिरफ्तार किया गया है। और प्रकरण को विवेचना में लिया गया है।
इस गैंग में अन्य आरोपियों के तथा अन्य हैंडलर के होने की संभावना पर पुलिस टीम जांच एवं दबिश आदि की कार्यवाही कर रही है ।आरोपी ने पीड़ित को रुपयों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र में अकाउंट खुलवाया।साथ ही पासबुक, एटीएम, ई बैंकिंग, पासवर्ड आदि अपने पास ले लिए। बाद में जब अन्य स्थानों से शिकायतें प्राप्त होने पर साइबर अपराध पोर्टल के द्वारा अकाउंट पर ब्लॉक एवं होल्ड लगाया गया तो आवेदक को ज्ञात हुआ की उसके अकाउंट में ₹218800/- का ट्रांजेक्शन हुआ है, उसके द्वारा इस आशय की शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रस्तुत करने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने अपराध पंजीयन किया तथा आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
जानकारी अनुसार अभी तक की जांच में कुल ₹493600/- का ट्रांजेक्शन महाराष्ट्र बैंक के म्यूल अकाउंट में होना पाया गया । शेष की संभावना पर जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी : सुंदर लाल अहिरवार पिता तुलसीराम अहिरवार, उम्र 47 वर्ष, निवासी- संजय कॉलोनी, मंडी, सीहोर
पुलिस के मुताबिक उक्त म्यूल अकाउंट के विरुद्ध हरियाणा, महाराष्ट्र, तेलंगाना,दिल्ली,तमिलनाडु, उत्तरप्रदेश में भी शिकायत दर्ज है।
इस वाक्ये के बाद सीहोर पुलिस ने जनहित में अपील जारी करते हुए कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर या पैसों के लालच में आकर अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड या नेट बैंकिंग की जानकारी दूसरों को न सौंपें । ऐसा करना आपको साइबर अपराध का भागीदार (म्यूल अकाउंट होल्डर) बना सकता है।
क्या है म्यूल अकाउंट ?
म्यूल अकाउंट (Mule Account) एक ऐसा बैंक खाता होता है जिसका उपयोग साइबर अपराधी अवैध रूप से ठगी या चोरी किए गए पैसों को एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर करने, छिपाने या ठिकाने लगाने के लिए करते हैं। इसमें खाताधारक कोई और होता है जबकि उसका इस्तेमाल कोई दूसरा ठग कर रहा होता है।यह कैसे काम करता है इसमे ठग व्यक्ति सीधे अपने खातों का उपयोग नहीं करते हैं ताकि वे पुलिस और जांच एजेंसियों की पकड़ से बच सकें। अवैध कमाई को कई अलग-अलग खातों में घुमाया जाता है ताकि असली लाभार्थी का पता न चल सके। पैसों को तुरंत एटीएम से निकाल लिया जाता है या क्रिप्टोकरेंसी में बदल दिया जाता है। इन्हीं आपराधिक हरकतों के कारण ऐसा अकाउंट म्यूल कहलाता है।



