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बुलेट मोटरसाइकिल के अदाकारों का पुलिस ने चालान से फोड़ा पटाखा, 05 बुलेट जब्त, लेकिन उन कार्रवाइयों का अब भी इंतजार जिससे ‘राहगीर’ रहे गुलजार

समझने की कोशिश तो करें जनता की मांग...सीहोर जिले के पूरे कुओं में घुली है भांग

बुलेट मोटरसाइकिल के अदाकारों का पुलिस ने चालान से फोड़ा पटाखा, 05 बुलेट जब्त, लेकिन उन कार्रवाइयों का अब भी इंतजार जिससे ‘राहगीर’ रहे गुलजार

थाना कोतवाली की पटाखा बुलेट प्रेमियों पर सख्त कार्यवाही

05 बुलेट जप्त जुर्माना कुल ₹25 हजार…

सीहोर, 08 सितंबर 2026
एमपी मीडिया पॉइंट

बात सिर्फ़ इतनी सी है कि निरंकुश बिगड़ेल औलादें अपनी औकात बुलेट गाड़ी के साइलेंसर से दिखाने पर आमादा हैं। सीहोर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में यह अदाकार जनता के जहन से गिरे हुए हैं लेकिन पुलिस की अनदेखी के कारण सिर चढ़कर बोलते रहते हैं। पुलिस भी महिने मे इक्का-दुक्का चालानी कार्रवाई कर अपना पल्ला झाड़ लेती है।
समझा जा सकता है कि लाखों की मंहगी बुलेट शौकिया चलाकर उसे बताना क्यों जरुरी है…ताकि आम लोग उनकी तरफ देखें और समझ लें कि हम नंगे-भूखे परिवार के नहीं बल्कि लीक से हटकर चलने वाले लोग हैं। जबकि ऐसे लोग ही ‘स्नोब’ के नजरिए से देखे जाते है।
सीहोर जिले के सभी थानांतर्गत ऐसी हजारों मोटरसाइकिलें चल रही हैं जिनके कागजात,बीमा,नम्बर प्लेट तक नहीं होते। यह मोटरसाइकिल/बाइक थानों के सामने से रोज फर्राटा भरती गुजरती हैं लेकिन मजाल कि उन पर कोई कार्रवाई की जा सके। एक मोटरसाइकिल पर तीन-तीन सवार फिर भी पुलिस लाचार ? नाबालिग लड़के-लड़कियां स्कूटी पर ऐसे चलते हैं जैसे पूरे कानून इनके वाहनों के बक्से में बंद हों। अरे लाखों की शोकिया बुलेट चलाने वालों की सेहत पर दो-चार हजार के चालन से क्या फर्क पड़ता है…इन पर तो इतनी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए कि बुलेट के आवाज से तेज इनकी चीख निकल जाए।

फिर भी कल और आज मंगलवार को थाना कोतवाली पुलिस ने एक अच्छे मंगल कार्य की शुरुआत की है।
जानकारी अनुसार थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश दुबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विशेष अभियान चलाते हुए पिछले दो दिनों में कानफाड़ू आवाज निकालने वाली 05 मॉडिफाइड साइलेंसर युक्त बुलेट मोटरसाइकिलों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले बुलेट चालकों से कुल 25,000 रुपये का समन शुल्क वसूला। इसके साथ ही वाहनों में लगे अवैध मॉडिफाइड साइलेंसरों को हटवाया गया।
थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश दुबे ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि साइलेंसर मॉडिफाई कराकर तेज व पटाखे जैसी आवाज निकालने वालों से आम जनता, बुजुर्गों और मरीजों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। शहर में शांति व यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस प्रकार की गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
पुलिस द्वारा मॉडिफाइड साइलेंसर का प्रयोग करने वाले चालकों के खिलाफ यह चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस प्रशासन ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध मॉडिफिकेशन न कराएं।

उधर जनता ने पुलिस से मांग की है कि इसके अलावा गैरकानूनी रुप से दौड़ रहे सभी दो पहिया वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। वाहन चालक बच्चों के परिजनों को थाने में तलब किया जाए। नशे में पाए गए वाहन चालकों का नाम/पता सार्वजनिक किया जाए। बगैर नम्बर प्लेट के चल रहे वाहनों पर क्या कार्रवाई की जाए यह शांति समिति की बैठक में तय होना चाहिए। इस बात का ध्यान विशेष रखा जाए कि ले-देकर छोड़ने का रिवाज़ पूरी तरह बंद हो।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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