क्राइम रिपोर्टमध्यप्रदेश

सीहोर : अवैध देशी (कच्ची) शराब के विरुद्ध आबकारी विभाग की कार्रवाई, 3 प्रकरण दर्ज

बंडा सागर काण्ड से सबक की दिशा में क्या बढ़ पाएंगे प्रशासनिक कदम!

  • सीहोर : अवैध शराब के विरुद्ध आबकारी विभाग की कार्रवाई, 3 प्रकरण दर्ज

सीहोर, 06 सितम्बर 2026
एमपी मीडिया पॉइंट

जिला प्रशासन/आबकारी अधिकारी के निर्देशन में विभागीय दल द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में दबिश देकर अवैध शराब बनाने में प्रयुक्त सामग्री और कच्ची शराब जब्त की गई।

इसी क्रम में आबकारी वृत्त श्यामपुर के अंतर्गत ग्राम मोलाखेड़ी के जंगल में कार्रवाई करते हुए हाथ भट्टी की कच्ची शराब बनाने में प्रयुक्त लगभग 700 किलोग्राम महुआ लाहन तथा 30 लीटर हाथ भट्टी की कच्ची शराब बरामद की गई। इस कार्रवाई में दो प्रकरण पंजीबद्ध किए गए। इसी प्रकार आबकारी वृत्त बुधनी के अंतर्गत जंगल क्षेत्र में दबिश देकर 200 किलोग्राम महुआ लाहन तथा उससे निर्मित 10 लीटर हाथ भट्टी की कच्ची शराब जब्त कर एक प्रकरण दर्ज किया गया।

आबकारी विभाग द्वारा की गई कार्रवाई में कुल 3 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं। जब्त सामग्री का अनुमानित मूल्य लगभग 98 हजार रुपये बताया गया है। सभी प्रकरणों में आबकारी अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण एवं बिक्री के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रखने की बात कही है। यह कार्रवाई आबकारी उपनिरीक्षक माधव कुंडल, आरक्षक आकाश कोरी तथा राधेश्याम द्वारा की गई है।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

Related Articles

Back to top button