आस्थामध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश के इस भाई के लिए मुंबई से बहन ने भेजी सोने की गिन्नी से जड़ित 51 फीट की राखी

रक्षाबंधन- 2026 विशेष

प्रसंगवश

मध्य प्रदेश के इस भाई के लिए मुंबई से बहन ने भेजी सोने की गिन्नी से जड़ित 51 फीट की राखी

जयंत शाह, सीहोर

मध्य प्रदेश में एक अनूठा स्थान जहां भगवान गणेश जी को देश-विदेश से बहने भेजती हैं राखियां,
उज्जैन का प्रसिद्ध श्री महाकाल मंदिर के समीप स्थित बड़ा गणेश मंदिर। यहां रक्षाबंधन पर्व पर अद्भुत नजारा देखने को मिलता है। भगवान गजानन को अपना सगा भाई मानकर बहने विभिन्न राज्यों से ही नहीं बल्कि सात समंदर पार अन्य देशों से भी राखियां भेजती हैं।

-बड़ा गणेशजी , उज्जैन

उज्जैन में श्री महांकाल मंदिर के समीप स्थित है , प्राचीन बड़ा गणेश मंदिर। यहां पर भगवान श्री गणेश जी की 15 फीट ऊंची प्रतिमा विराजित है। यहां वर्षों से रक्षा बंधन पर यह परंपरा चली आ रही।

पंडित अक्षत व्यास के अनुसार भगवान शिव और माता पार्वती को जगत माता -पिता माना जाता है, इसी भाव से महिलाएं गणेश जी को अपना भाई मानती हैं। भगवान विनायक के लिए न केवल देश के विभिन्न शहरों से बल्कि अमेरिका लंदन से भी राखियां पहुंची है।
मुंबई की बहन राजकुमारी जैन द्वारा भेजी गई बड़ा 51 फिट की सोने की गिन्नी से सुसज्जित राखी भगवान गणेश की कलाई पर सजाई जाएगी।

रिद्धि और सिद्धि के लिए के लिए साड़ियां

भगवान गणेश की दोनों पत्नियों रिद्धि और सिद्धि को भाभी का दर्जा देते हुए बहनों ने उनके लिए रेशमी साड़ियां भेजी हैं। आस्था-विश्वास का ‘रक्षाबंधन’ पर्व धार्मिक नगरी उज्जैन सहित पूरे मप्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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