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बेहाल-नेपाल : मरने वालों की संख्या 332 हुई, 30 से अधिक देशों के लोग लापता

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बेहाल-नेपाल : मरने वालों की संख्या 332 हुई, 30 से अधिक देशों के लोग लापता

मीडिया रिपोर्ट, 27 अगस्त 26

नेपाल के पुलिस अधिकारियों ने वहां के अखबार काठमांडू टाइम्स को यह जानकारी दी है कि मरने वालोंं की संख्या 332 हो गई है. पुलिस ने बताया कि बुधवार को आई भयानक बाढ़ में जो लोग लापता हैं उनमें 30 से अधिक देशों के लोग शामिल हैं।यह आंकड़ा गुरुवार 27 अगस्त दोपहर 3:50 बजे तक का है।

नेपाल के आठ जिलों से बरामद हुईं हैं लाशें

नेपाल के जिन आठ जिलों से लाशें बरामद की गई हैं, उनकी संख्या इस प्रकार है. चितवन में 121, नवलपरासी ईस्ट में 74, धाडिंग और गोरखा में 29-29, नुवाकोट में 28, तनहुन में 19, रसुवा में 17 और नवलपरासी वेस्ट में 15 लाशें बरामद हुई हैं. सुबह जो जानकारी सामने आई थी उसके अनुसार जलप्रलय में मरने वालों की संख्या 289 बताई गई थी. बाढ़ के बाद से पुलिस और दूसरी सिक्योरिटी एजेंसियां ​​बाढ़ से प्रभावित जिलों में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं. साथ ही सेना उन इलाकों से परिवारों को निकाल रही हैं जहां अभी बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

लापता लोगों में पर्यटक और तीर्थयात्री शामिल

लापता लोगों में बड़ी संख्या उन विदेशियों की है, जो ट्रैकिंग या पवित्र हिंदू धार्मिक स्थल की तीर्थयात्रा के लिए इस क्षेत्र में पहुंचे थे.अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में लापता लोगों की संख्या अलग हो सकती है. इसकी वजह आंकड़े जुटाने के तरीकों, रिपोर्ट किए जाने के समय और उनके सत्यापन में अंतर के साथ-साथ आंकड़े जुटाने वाले अधिकारियों और प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान चला रहे दलों के बीच समन्वय की कमी भी है. पीटीआई न्यूज ने विदेश मंत्रालय के हवाले से बताया है कि लापता लोगों में 288 भारतीय नागरिक भी शामिल है. नेपाल पर्यटन बोर्ड ने बृहस्पतिवार को बताया कि 517 विदेशी नागरिक लापता हैं. इनमें से 113 नेपाली पर्यटक, सेना और पुलिस के 85 जवान तथा रसुवा जिले के 161 निवासी और नुवाकोट जिले का एक व्यक्ति शामिल हैं।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी
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