आष्टा

सरपंच ने चुनावी रंजिश के चलते गरीब महिला का तुड़वाया आशियाना…

आष्टा के भंवरा गांव में गरीब महिला को न्याय की दरकार

सरपंच ने चुनावी रंजिश के चलते गरीब महिला का तुड़वाया आशियाना…

भवंरा(आष्टा) की गरीब ममता बाई के कच्चे झोपड़े पर बुलडोजर चलाकर आष्टा प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई को दिया अंजाम,

ममता बाई ने कहा- गरीबों की दुर्दशा पर हंसने वाले निर्लज प्रशासनिक कर्मचारियों पर क्या कलेक्टर कोई बड़ा एक्शन लेंगे ?

सीहेार, 28 मई 2026
एमपी मीडिया पॉइंट

भवंरा में गरीब ममता बाई के कच्चे झोपड़े पर बुलडोजर चलाकर आष्टा प्रशासन ने बड़ी कार्रवाही को अंजाम दिया। नायब तहसीलदार रामपगारे के नेतृत्व में सरपंच के पक्ष में ममता की पूरी घर ग्रहस्थी को तहस नहस कर दिया गया। क्योंकि ममता बाई के परिवार के सारे आदमी जेल में बंद हैं। पुरानी रंजिश के तहत सरपंच के इशारे पर प्रशासन ने ममता बाई और उनके बच्चों को बेघर कर दिया। यही नहीं सब कुछ बर्बाद करने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों से इस खुशी को सामुहिक रूप से सेल्फी फोटो लेकर सेलीब्रेट भी किया। क्या इन गरीबों की दुर्दशा पर हसने वाले निर्लज लोगों पर कलेक्टर कोई एक्शन लेंगे या फिर यह लोग गरीबों के घर तोड़ कर ऐसी ही खुशियां मनाते रहेंगे?

ममता बाई इन निर्लज लोगों के सामने गिड़गिड़ाती रही घर नहीं तोडऩे की विनती करती रही,परिवार के सभी लोगों के जेल में होने का वास्ता देती रही लेकिन किसी को दया नही आई। गरीब ममता बाई की तबाही पर यह लोग हसंते रहे मुशकुराते रहे। ऐसा लग रहा है कि मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा सीहेार जिले में अनुसुचित जाति वर्ग के लोगों पर अत्याचार हो रहा है। फिलहाल ममता बाई का परिवार नौतपा मेें खुले आसमान के नीचे जी रहा है पशु तेज धूम में बंधे हुए इंटों का ढेर लगा हुआ है घर का पूरा सामान बिखरा पड़ हुआ है। घर में रखा गेंहू अज्ञात लोगों के द्वारा लूट लिया गया है। ममता बाई तहसील कार्यालय आष्टा और जनुसनवाई कलेक्ट्रेट में चार बार आवेदन दे चुकी है।

लेकिन कोई कुछ सुनने को तैयार नहीं है। ममता बाई ने सरपंच और उसके साथियों पर गंभीर आरोप लगाए है। सरपंच हरीओम,लक्ष्मीनारायण,ओमप्रकाश, राजनारायण, रामबाबु, मुकेश ने ममता पर अत्याचार किए है। इन लोगों ने तहसील के कर्मचारियों से मिलकर घर को भी तुड़वा दिया है अब ना तो उसके पास छत है और ना ही रहने के लिये कोई घर है परिवार खुले आसमान के नीचे पड़ा है घर का पुरा सामान इन लोगों ने बिखेर दिया है खाने पीने से मोहताज हो गई है। दो वक्त की रोटी भी नही मिल रही है। अगर ममता बाई को जल्दी मदद नहीं मिली तो उसके पास आत्महत्या के अलावा अन्य कोई रास्ता नही रहेगा इस का जिम्मेदार निर्देय आष्टा प्रशासन होगा। ममता बाई पत्नि रमेश ने शपथ पत्र के साथ अन्याय अत्याचार की पूरी सत्य घटना लिखकर कलेक्टर से न्याय मांगा है क्योंकी दबंग सरपंच की पकड़ सत्ताधारी दल में मजबूत है उसके इशारों पर अधिकारी नाचते है पुलिस वाले तो उसके यह पार्टी करते है। इन लोगों ने केवल ममता बाई की जमीन हड़पने के लिए उसे बेघर कर दिया है रोज धमकी दे रहे है गांव से चले जाने की बात भी कहा रहे है। अब देखते है कलेक्टर इस मामले में ममता को न्याय दिला पाते है या फिर ममता को मरने के लिए छोड़ देते है।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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