आष्टामध्यप्रदेश

आष्टा (मप्र) : सगा मामा ही निकला नाबालिक लड़की का अपहरणकर्ता

मिल पटाकर ले गया था जिला देवास

आष्टा (मप्र) : सगा मामा ही निकला नाबालिक लड़की का अपहरणकर्ता

थाना आष्टा पुलिस द्वारा अपहर्ता नाबालिक बालिका को किया दस्तयाब।

आष्टा(मप्र) : जानकारी अनुसार गत 24 मई 2026 को फरियादी द्वारा थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट कराई थी कि मेरी नाबालिक लड़की 15 साल को कोई अज्ञात व्यक्ति वहला फुसला कर ले गया है फरियादी की इस रिपोर्ट पर थाना आष्टा में अपराध क्रमांक 290/26 धारा 137(2) बीएनएस का पंजीकृत कर विवेचना में लिया गया था।

प्रकरण गंभीर प्रवृत्ति का होने से पुलिस अधीक्षक सीहोर सोनाक्षी सक्सेना , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुनीता रावत, एसडीओपी आष्टा दामोदर गुप्ता द्वारा तत्काल कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी गिरीश दुबे को निर्देशित किया गया।

अपहर्ता की तलाश के लिए थाना प्रभारी गिरीश दुबे के नेतृत्व में टीम गठित की गई । टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर अपहर्ता को उसके सगे मामा बलराम मालवीय उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम मानकुण्ड फाटा जिला देवास मे होना बताने पर चौकी प्रभारी अमलाह प्रेम सिंह ठाकुर व उनकी टीम ने अपहर्ता को सकुशल आरोपी मामा के पास से दस्तयाव कर परिजनो के सुपुर्द किया।

प्रकरण में आरोपी बलराम सिंह जगन्नाथ मालवीय उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम मानकुण्ड फाटा जिला देवास को गिरफ्तार किया गया जिसे न्यायालय पेश किया जाकर जेल वारंट के पालन मे जिला जेल सीहोर दाखिल किया गया । प्रकरण में अग्रिम अनुसंधान जारी है व अपहर्ता के बताये कथन अनुसार सुसंगत धाराओं 64(2),(m), (f), 87 BNS, 5/6 पाक्सो एक्ट का ईजाफा किया गया है।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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