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इंदौर-भोपाल हाइवे पर यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त, एक व्यक्ति की मौत

तीन यात्री घायल हुए जिन्हें सीहोर जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया

इंदौर-भोपाल हाइवे पर यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त, एक व्यक्ति की मौत

सीहोर, 28 अप्रैल 2025
एमपी मीडिया पॉइंट

बस दुर्घटना आज मंगलवार करीब सुह्म 07:30 बजे की बताई जा रही है जिसमें थाना आष्टा अंतर्गत इंदौर-भोपाल रोड पर ग्राम कचनारिया जोड़ के पास अहमदाबाद से भोपाल जा रही वर्मा वॉल्वो स्लीपर बस (MP04 WA 5356) के सामने अचानक गाय आ जाने से चालक द्वारा ब्रेक लगाने पर बस के ब्रेक चिपक गए, जिससे टायर घिसटकर फट गए और बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खंती में उतरकर पेड़ से टकरा गई।

घटना में बस के आगे चालक के पास बैठा उसका रिश्तेदार/हेल्पर सुनील मुकाती (उम्र 35 वर्ष) दबने से मृत्यु हो गई। एक महिला यात्री एवं 3 पुरुष यात्रियों को हाथ-पैर में चोटें आई हैं।

सूचना प्राप्त होते ही कुबरेश्वर ड्यूटी में लगी महिला सेल प्रभारी डीएसपी सुश्री पूजा शर्मा एवं अमलाहा चौकी प्रभारी प्रेम सिंह ठाकुर, थाना आष्टा से सउनि सुभाष कटारे, सउनि जगदीश धुर्वे, प्र आर धर्मेन्द्र मालवीय,आर होविंद, ट्रैफिक आष्टा में पदस्थ एएसआई , जेके सोनी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को एम्बुलेंस की सहायता से तुरंत सिविल अस्पताल सीहोर भिजवाया गया।
बस में कुल लगभग 30 यात्री सवार होना बताया गया है। शेष सभी यात्रियों को पुलिस की मदद से सकुशल अपने-अपने गंतव्य के लिए अन्य साधनों से रवाना किया गया।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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