इछावर/एमपी : ‘चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात’ आखिर ऐसा कब तक ? क्या विद्युत विभाग को इंतजार है उग्र आंदोलन का !
बुझती बिजली सुलगते सवाल, अन्नदाता हाल बेहाल

‘चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात’
आखिर ऐसा कब तक ? क्या विद्युत विभाग को इंतजार है उग्र आंदोलन का !
इछावर/एमपी,13 अक्टूबर 2026
एमपी मीडिया पॉइंट
नई दिल्ली सहित देशभर में भले ही चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे का मामला गर्माया हुआ हो लेकिन मध्यप्रदेश के इछावर क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरती नजर आ रही है।
इछावर/सीहोर तहसील की बात की जाए तो करीबन 100 गांव ऐसे हैं जिन्हें शेड्यूल के मुताबिक विद्युत प्रदाय नहीं हो पा रहा है। गांवों में सूर्यास्त के बाद अंधेरा ही पसरा रहता है। शक्ति की भक्ति का पर्व नवरात्रि में आरती के वक्त भी लाइट नहीं रहती।
ग्रामीण/किसानों के खेत पर वर्तमान समय में रबी फसल को लेकर पलेवा/सिंचाई कार्य जारी है। ऐसे में बिजली की नितांत आवश्यकता है। खेतों में मौजूद जलस्रोतों का इस समय उपयोग नहीं हुआ तो बाद में किसानों को ‘लेने के देने’ पड़ जाएंगे और उनके परिवारों के साथ रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा!
ऐसा नहीं कि किसानों ने अपनी समस्या को नहीं उठाया, उन्होंने सत्तारुड़ भाजपा हो या विपक्षी दल कांग्रेस, दोनों के असरदार नेताओं से बातचीत की। संबंधित विद्युत विभाग के आला अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों को भी वस्तुस्थिति से अवगत कराया लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
सतपीपलिया,भाऊँखेड़ी,अमलाहा क्षेत्र के किसानों ने शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन भी किया लेकिन उन्हें बदले में सिर्फ आश्वासन ही मिले। किसानों की प्रत्येक हलचल के बाद वही कहावत हर जगह चरितार्थ हुई कि “चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात” ।
बतादें कि आज मंगलवार रात भी कई गांवों के मंदिरों में ‘आरती’ अंधेरे में ही सम्पन्न हुई है।
जाटखेड़ी निवासी कृपाल सिंह,सुरेंद्र सिंह,कृष्णपाल सिंह मुकाती, गोराखेड़ी निवासी सतपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, रामनगर निवासी अर्जुन सिंह पटेल, राहुल सिंह, रामनगर निवासी राजेंद्र सिंह, दीपक सिंह,आशीष शर्मा, रतनपुर तूमड़ी निवासी कमोद पटेल आदि ने बताया कि पिछले चार दिनों से कुमंभकरणीय नींद सो रहे विद्युत विभाग को जगाने के लिए शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन नाकाफी साबित हो रहा है। अब शायद विद्युत विभाग को ग्रामीणों के उग्र आंदोलन का इंतजार है। और यदि ऐसा है तो वो भी किया जाएगा। लेकिन बिजली हमारा अधिकार है उसे हर हाल में हांसिल किया जाएगा।



