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ब्रिजिशनगर/इछावर : शा हायर सेकेंडरी स्कूल के साथ गणमान्य नागरिकों ने शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने का किया उत्साही प्रयास

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शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के साथ गणमान्य नागरिकों ने शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने का किया उत्साही प्रयास

ब्रिजिशनगर/इछावर, 11 अप्रैल 2026
एमपी मीडिया पॉइंट

विकासखंड के ग्राम ब्रिजिशनगर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ने शिक्षा के प्रचार का नया तरीका अपनाया है। स्कूल द्वारा शिक्षा रथ यात्रा के माध्यम ग्रामीण इलाके में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश से रथ-यात्रा गांव के अलग-अलग मोहल्लों से निकाली गई।

शिक्षकों ने लोगों को सरकारी स्कूल की सुविधाओं की जानकारी दी। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बारे में बताया। पहल का उद्देश्य स्कूल में ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों का प्रवेश कराना है।
अभियान के तहत शिक्षा रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

इस अवसर पर ग्राम सरपंच शिव प्रसाद ठाकुर, रतन सिंह मेवाड़ा, बाबूलाल सिसोदिया, ज्ञान सिंह राठौर, भगवती प्रसाद माहेश्वरी, प्राचार्य मनोहर लाल गोफनीया, गंगा प्रसाद वर्मा, विक्रम मेवाड़ा, देवकरण राठौर, राजेश मेवाड़ा, कमर खान आदि मौजूद रहे।

नागरिकों के साथ स्कूल स्टाफ ने भी रथ को उत्साह के साथ रवाना किया। कार्यक्रम में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला गया साथ ही अभिभावकों से बच्चों को नियमित स्कूल भेजने की अपील की गई।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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