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युद्ध के दौरान इज़रायली हमले में 100 बच्चों की हो चुकी मौत, मरने वालों की कुल संख्या 773

मिडिल ईस्ट युद्द बढ़ते घातक परिणाम..

युद्ध के दौरान इज़रायली हमले में 100 बच्चों की हो चुकी मौत

अंतर्राष्ट्रीय, डेस्क मीडिया

इजरायल के हिजबल्लाह के हमलों में लेबनान के अंदर सौ बच्चों की मौत हो चुकी है यह जाता जानकारी शुक्रवार को उस समय सामने आई जब लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय नें आंकड़े जारी किए।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक कुल 773 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में 62 महिलाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा 1,900 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

लगातार बढ़ रहा है संघर्ष

लेबनान और इजराइल के बीच हाल के दिनों में संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच सीमा क्षेत्रों में मिसाइल हमले और हवाई हमलों की घटनाएं बढ़ गई हैं। लेबनान के अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों में आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, खासकर बच्चों और महिलाओं की मौत की संख्या चिंताजनक है।

नागरिक इलाकों पर हमलों का आरोप

लेबनान सरकार का आरोप है कि कई हमले ऐसे इलाकों में भी हुए जहां आम नागरिक रहते हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग घायल होने के कारण अस्पतालों पर भी दबाव बढ़ गया है। दूसरी ओर इजराइल का कहना है कि उसके हमले हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाकर किए जा रहे हैं, क्योंकि हिजबुल्ला की ओर से भी लगातार रॉकेट और मिसाइल हमले किए जा रहे हैं।

क्षेत्र में बढ़ रही चिंता

मिडिल ईस्ट में पहले से ही कई मोर्चों पर तनाव बना हुआ है। ऐसे में लेबनान और इजराइल के बीच बढ़ता संघर्ष पूरे क्षेत्र में हालात को और गंभीर बना सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह टकराव इसी तरह जारी रहा तो मानवीय संकट और गहरा सकता है और बड़ी संख्या में आम नागरिक इसकी चपेट में आ सकते हैं।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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