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शिव जी चमकधमक आडम्बर से प्रसन्न नहीं होते, ‘भोलापन’ ही उन्हें पाने का सबसे सहज रास्ता है- पं. प्रदीप मिश्रा’

रुद्राक्ष महोत्तसव एवं शिव महापुराण कथा का समापन..

सीहोर, 20 फरवरी 2025
एमपी मीडिया पॉइंट

कुबेरेश्वर धाम की पावन धरा पर आयोजित सात दिवसीय रुद्राक्ष महोत्सव और शिव महापुराण कथा का आज श्रद्धा, भक्ति और अटूट विश्वास के साथ भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन लाखों की संख्या में उमड़े श्रद्धालु जो बाबा भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर नजर आए।

इस अवसर पर कथा के अंतम दिन पं प्रदीप मिश्रा ने कहा कि अध्यात्म का मतलब रील बनाना नहीं, बल्कि जीवन की हकीकत में परमात्मा को महसूस करना, भगवान रील बनाने से नहीं, बल्कि अपने ओरिजिनल रोल जीवन की जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाने से मिलते हैं।

सीहोर जिला मुख्यालय के समीपस्थ शुक्रवार को लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के कारण इंदौर-भोपाल पर जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई। यातायात दुरुस्त करने में घंटों तक रेंगकर वाहन चलते रहे।

शुक्रवार को पंडित श्री मिश्रा ने कहाकि भगवान शिव को चमक-दमक, दिखावे या आडंबर से नहीं, बल्कि सादगी, निस्वार्थता और सच्चे भाव से प्रसन्न किया जा सकता है। शिव को भोलेनाथ इसीलिए कहा जाता है क्योंकि वे आडंबर से दूर, शुद्ध प्रेम और भक्ति के भूखे हैं। महादेव अपने भक्तों पर सदा कृपा बरसाते है, हम धरती पर लोगों से प्यार करते हे, इसलिए हमें धोखा मिलता है, ईश्वर से प्रेम करें तो कभी धोखा नहीं मिलेगा। शिवजी एक लोटा से हमारे कल बदल देंगे। यह निश्चित है, भले ही इसमें थोडा समय लग सकता है, लोटे में जल भरकर मुस्कुराते हुए मंदिर जाएं, चाहे कितनी भी परेशानी क्यों न हो, आपके चेहरे पर भगवान हमेशा के लिए मुस्कान दे देंगे। अपना संबंध शिव से जोड़ें। यह न समझें कि भगवान नहीं सुनते, वे सबकी सुनते है। नए साल पर एक लोटा जल हर समस्या का हल एक धार्मिक आस्था और सरल उपाय है, जो मुख्य रूप से भगवान शिव को समर्पित है, जिसका मतलब है कि सच्चे मन और श्रद्धा से चढ़ाया गया एक लोटा जल सभी दुखों और बाधाओं को दूर कर सकता है, जो सिर्फ दिखावा नहीं, बल्कि आंतरिक शुद्धता और समर्पण की मांग करता है, ताकि सकारात्मक ऊर्जा से जीवन में सुख-शांति आ सके। कथा के अंतिम दिवस पंडित प्रदीप मिश्रा ने यहां पर सेवा देने आए हजारों की संख्या में सेवादारों का सम्मान किया।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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