यूपीआई मामले में कांग्रेस प्रतिक्रिया में आई, केंद्र सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने भी साधा निशाना...

यूपीआई मामले में कांग्रेस प्रतिक्रिया में आई, केंद्र सरकार पर साधा निशाना
नई दिल्ली, मीडिया रिपोर्ट, 15 सितंबर 2026
मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने मंगलवार (15 सितंबर) को आरोप लगाया कि UPI लेनदेन पर शुल्क लगाने की तैयारी की जा रही है और ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ (समझौता कर चुके) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने व्यापार समझौते की तरह इस मामले में भी अमेरिका के सामने समर्पण कर दिया है।
पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने चुपचाप UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोल दिया है। कांग्रेस ने यह भी पूछा कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को “खुश करने” के लिए अमेरिकी कंपनियों के वास्ते डिजिटल पेमेंट का रास्ता खोलने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
कांग्रेस की यह प्रतिक्रिया वित्त मंत्रालय के उस नोटिफिकेशन के एक दिन बाद आई है, जिसमें बैंकों और पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर्स को निर्देश दिया गया था कि वे 2,000 रुपये तक के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ट्रांजैक्शन या RuPay डेबिट कार्ड से किए गए पेमेंट पर कोई चार्ज न लगाएं। हालांकि सरकार ने यह साफ नहीं किया है कि क्या 2,000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगेगा, जिसका भुगतान मर्चेंट्स को करना होगा। अब तक, UPI ट्रांज़ैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगता रहा है, चाहे रकम कितनी भी हो।
चुपचाप UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोल दिया
राहुल ने सोशल मीडिया X (पहले ट्विटर) पर हिंदी में लिखा, “मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोल दिया है। अब ₹2,000 से ऊपर के merchant UPI लेन-देन पर MDR लगाया जा सकता है। इन ट्रांजैक्शंस की संख्या भले ही सिर्फ 5% हो, लेकिन UPI के कुल transaction value का करीब 65% इन्हीं में है। सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई फ़ीस नहीं ली जाएगी। लेकिन दुकानदार पर लगने वाली फ़ीस आखिर आएगी कहां से? कीमतों में जुड़कर ग्राहक की जेब से।” नेता विपक्ष ने आगे लिखा, “अमेरिकी payment कंपनियां लंबे समय से भारत की zero-MDR नीति का विरोध करती रही हैं। अब मोदी सरकार ने ठीक उसी दिशा में नीति बदलने का रास्ता खोल दिया है। US Trade Deal की तरह ही, Compromised PM मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के सामने surrender कर रहे हैं।”



