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…और पटवारी निलंबित

एसडीएम ने की कार्रवाई

…और पटवारी निलंबित

अवैध राशि की मांग के आरोप में किया निलंबि

सीहोर, 12 सितम्बर 2026
एमपी मीडिया पॉइंट

तहसील श्यामपुर के ग्राम पथरिया तत्कालीन हल्का गढ़ीबगराज एवं वर्तमान में सीलखेडा में पदस्थ पटवारी जितेन्द्र कुमार शर्मा को अवैध राशि की मांग संबंधी शिकायत के मामले में सीहोर एसडीएम तन्मय वर्मा ने तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत की गई है। प्राप्त शिकायत में ग्रामीणों द्वारा पटवारी पर बीपीएल कार्ड, जमीन का पट्टा सहित अनेक राजाव संबंधी कार्यों के लिए राशि की मांग करने संबंधी आरोप लगाए गए थे। तहसीलदार श्यामपुर द्वारा शिकायतकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3(1)(एक), (दो) एवं (तीन) का उल्लंघन पाए जाने पर विभागीय जांच प्रस्तावित की गई है।
निलंबन अवधि में पटवारी का मुख्यालय तहसीलदार तहसील सीहोर ग्रामीण, जिला सीहोर नियत किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी। साथ ही तहसीलदार श्यामपुर हल्का सीलखेड़ा क्रमांक 08 का प्रभार तत्काल अन्य पटवारी को सौंपकर समस्त शासकीय अभिलेखों की विधिवत सुपुर्दगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित के विरुद्ध आरोप पत्र पृथक से जारी किया जाएगा।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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