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इछावर में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग द्वारा किया गया बीआरसी केंद्र का शुभारंभ

314 किसान होंगे लाभांवित..

इछावर में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग द्वारा किया गया बीआरसी केंद्र का शुभारंभ

केंद्र से किसानों को मिलेंगे सस्ते जैविक उत्पाद

सीहोर, 11 मार्च, 2026
एमपी मीडिया पॉइंट

कृषि विभाग द्वारा इछावर तहसील के ग्राम गाजीखेड़ी में जैविक संसाधन केंद्र (बीआरसी) का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कृषि उप संचालक अशोक कुमार उपाध्याय ने किसानों को जैविक खेती के महत्व के बारे में जानकारी दी और बताया कि इस बीआरसी केंद्र के माध्यम से किसानों को जैविक उत्पाद बाजार की तुलना में कम लागत पर उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे खेती की लागत कम करने में सहायता मिलेगी।
बीआरसी केंद्र के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस जैविक संसाधन केंद्र की उत्पादन क्षमता 45 दिनों में लगभग 300 लीटर जैविक घोल तैयार करने की है। इस केंद्र में कुल 10 प्रकार के जैविक उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इसके केंद्र में किसानों के लिए विभिन्न प्रकार के जैविक उत्पाद तैयार किए जाते हैं, जिनमें EM-2 घोल, देसी कल्प अर्क, दशपर्णी अर्क, फल अर्क, सप्तधन्य अर्क, ह्यूमिक एसिड अर्क, अमिल अर्क, जैविक माइक्रोऑर्गेनिज्म स्लरी, फुल्विक एसिड घोल एवं वायमिल अर्क शामिल हैं। ये सभी उत्पाद प्राकृतिक एवं जैविक विधियों से तैयार किए जाते हैं। इनका उपयोग करने से मृदा में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ती है, मृदा की संरचना एवं उर्वरता में सुधार होता है तथा पौधों को आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। साथ ही ये जैविक घोल पौधों की वृद्धि को प्रोत्साहित करते हैं, जड़ों के विकास को मजबूत बनाते हैं और फसलों को कीट एवं रोगों से सुरक्षित रखने में भी सहायक होते हैं।

इन जैविक उत्पादों के नियमित उपयोग से खेती की लागत कम होती है, रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों पर निर्भरता घटती है तथा किसानों को स्वस्थ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिलती है। साथ ही यह पहल क्षेत्र में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

इस बीआरसी केंद्र से क्षेत्र के लगभग 314 किसानों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त होगा। किसानों को यहां से जैविक घोल एवं अन्य जैविक इनपुट आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष ग्राम सेवनिया में भी जैविक संसाधन केंद्र का शुभारंभ किया गया था, जो क्षेत्र में जैविक खेती को प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम में उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक जगदीश मुजाल्दा सहित अन्य अधिकारी एवं किसान उपस्थित थे।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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