सीहोर : शत प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी बनाने के लिए 16 मई से 31 मई तक लगेंगे शिविर, कलेक्टर ने जारी किए निर्देश… किसानों को अब ऐसे मिलेगी खाद
कलेक्टर के निर्देश, कृषि विभाग का शिविर..

सीहोर : शत प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी बनाने के लिए 16 मई से 31 मई तक लगेंगे शिविर, कलेक्टर ने जारी किए निर्देश…
किसानों को अब ऐसे मिलेगी खाद
सीहोर, 15 मई 2026
एमपी मीडिया पॉइंट
कलेक्टर बालागुरू के. ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 16 से 31 मई तक कैंप लगाकर शत प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी बनाने और बकेट क्रेमिंग कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर द्वारा शिविरों के लिए सभी अनुभागों के एसडीएम को नोडल और जनपद सीईओ को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है।
फार्मर आईडी बनवाने के लिए किसानों को शिविर में आधार कार्ड, भूमि स्वामित्व प्रमाण (खसरा/खतौनी), मोबाईल नंबर, समग्र आईडी, मृत किसान की स्थिति में परिजनों द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र एवं अन्य परिजनों की सहमति प्रमाण पत्र लाना होगा।
उल्लेखनीय है कि कृषि विभाग द्वारा किसानों को ई-विकास पोर्टल के माध्यम से उर्वरक का वितरण किया जा रहा है। ई-विकास प्रणाली अंतर्गत किसानों को फार्मर रजिस्ट्री से लिंक भूमि के अनुपात में फसल के अनुसार उर्वरक दिया जा रहा है, इसलिए किसानों को फार्मर आईडी बनवाना आवश्यक है।
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ई- विकास पोर्टल के माध्यम से किसानों को मिलेगा पर्याप्त उर्वरक
ई- विकास पोर्टल के संबंध में मैदानी कार्यकर्ताओं को दिया गया प्रशिक्षण
सीहोर, 15 मई 2026
एमपी मीडिया पॉइंट
कृषि विभाग द्वारा ई-विकास प्रणाली के संबंध में कृषि विभाग एवं आत्मा परियोजना के मैदानी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में ई-विकास उर्वरक वितरण प्रणाली के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई और किसानों की इससे संबंधित समस्याओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गये।
ई-विकास पोर्टल के माध्यम से किसानों को उनके रकबे के अनुसार फसल जैसे मक्का धान, सोयाबीन आदि चयन करने पर एक ही बार में संपूर्ण उर्वरक मिल सकेगा। ई-टोकन प्रणाली में कृषक अपने मोबाइल से आसानी से टोकन जारी कर उर्वरक बुक कर सकते है अथवा एमपी ऑनलाइन केन्द्रों पर 15 रूपये का शुल्क देकर भी टोकन जारी करा सकते हैं। सिकमी (ठेकेदार/बटाईदार) किसान जो भूमि स्वामी नहीं है वे अपने भू-स्वामी की अनुमति से एग्री स्टेक पोर्टल के माध्यम से अधिकृत प्रतिनिधि किसान बनकर ई-टोकन बुक कर सकते है।
वन पट्टाधारी किसान एसडीएम के सत्यापन के उपरांत ई-विकास पोर्टल के माध्यम से उर्वरक बुक कर सकते हैं। मृत शारीरिक रूप से अक्षय एवं वृद्ध किसानों हेतु भी ई-विकास प्रणाली पर उर्वरक व्यवस्था उपलब्ध कराई गयी है। संयुक्त खाताधारी कृषकों जिनमें से एक या अन्य सदस्य किसी अन्य शहर में या देश के बाहर रहते है जिस कारण उनका आधार ओ.डी.सी प्राप्त करना संभव नही हो पाता ऐसे किसानों अथवा संयुक्त खाता धारकों में से किसी एक किसान को नामांकित करने के लिए ई-विकास पोर्टल पर सुविधा उपलब्ध है।
ऐसे करें ई टोकन जारी
पंजीयन के लिए किसानों को अपना आधार नम्बर एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीकृत करना होगा। फार्मर आईडी पर रकबा, खसरा एवं फसल की जानकारी अद्यतन होना आवश्यक है। आधार से लिंक मोबाइल नम्बर पर ओटीपी के माध्यम से पंजीयन की प्रक्रिया करनी होती है इसलिए मोबाइल नम्बर का आधार से लिंक होना आवश्यक है। ई-टोकन जारी करने के लिए ई-विकास पोर्टल के डेशबोर्ड पर ऑप्शन पर क्लिक करने के उपरांत आधार नम्बर प्रविष्ट करना होगा। किसान के आधार से लिंक मोबाइल नम्बर पर ओ.टी.पी. डालने पर उस किसान की भूमि और पट्टे की जानकारी आयेगी। कृषक को भूमि के लिए फसल तय करना होगा जिससे वांछित खाद की मात्रा स्वतः पोर्टल पर प्रदर्शित होगी। यूरिया के साथ डीएपी अथवा एसएसपी या एनपीके का विकल्प चुनना होगा। चयनित फसल एवं उपलब्ध रकबे के अनुसार आवश्यक उर्वरक का प्रकार चुनने के उपरांत वितरण केन्द्र डबल लॉक केन्द्र एमपी एग्रो सहकारी समिति अथवा निजी विक्रेताओं पर उपलब्ध स्टॉक प्रदर्शित होगा जिसके चयन के उपरांत ई-टोकन जारी हो जायेगी।
उर्वरक का उठाव
जारी टोकन के साथ किसान को 02 दिन के भीतर चयनित वितरण केन्द्र से खाद प्राप्त करना होगा। यदि किसान समय सीमा में खाद नही लेता है तो टोकन स्वतः निरस्त हो जायेगा। खाद के लिए लाइन में लगने की आवश्यकता नही होगी।
आवश्यक ध्यान रखने योग्य बात यह है कि जिन किसानों के फार्मर आई.डी. नही बने है उन्हें जल्द से जल्द अपनी फार्मर आई.डी बनवा लेनी चाहिए। विशेष परिस्थिति में फार्मर आईडी न होने पर एसडीएम के अप्रूवल से टोकन बुक करने की सुविधा उपलब्ध करायी गई है। यदि किसान को अतिरिक्त उर्वरक की आवश्यकता है तो वह पोर्टल पर औचित्य दर्ज कर अतिरिक्त उर्वरक प्राप्त कर सकता हैं।