बैठक

“आपकी पूंजी, आपका अधिकार” : निष्क्रिय खातों को पुनः सक्रिय करने के लिए संचालित अभियान के संबंध में बैठक…

बैंक खाताधारियों के हितार्थ

“आपकी पूंजी, आपका अधिकार” : निष्क्रिय खातों को पुनः सक्रिय करने के लिए संचालित अभियान के संबंध में बैठक…

सीहोर, 29 दिसंबर, 2025
एमपी मीडिया पॉइंट

आम नागरिकों के हित में निष्क्रिय बैंक खातों को पुनः सक्रिय करने हेतु संचालित “आपकी पूंजी, आपका अधिकार”’ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला पंचायत सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक में रिजर्व बैंक की क्षेत्रीय निदेशक सुश्री रेखा चांदनांवेली तथा कलेक्टर  बालागुरू के. द्वारा इस अभियान के तहत जिले की सभी बैंको में निष्क्रिय खातों को पुनः सक्रिय करने तथा अभियान के सफलतापूर्वक संचालन के लिये दिशा-निर्देश दिये गये। बैठक में एलडीएम  जयदीप भट्टाचार्य ने बताया कि जिले में निष्क्रिय खातों में शासकीय खाते, इंस्टीट्यूशनल खाते, खुदरा खाते सहित कुल 1,69,310 खाते हैं, जिनमें 34.12 करोड़ रूपये की राशि है।

बैठक में क्षेत्रीय निदेशक सुश्री रेखा चांदनांवेली ने निर्देश दिए गए कि जिले में ऐसे सभी निष्क्रिय खातों की पहचान कर खाताधारकों को सूचित किया जाए तथा आवश्यक दस्तावेजों के माध्यम से उनके खाते पुनः सक्रिय कराए जाएँ। विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक में अधिकारियों एवं बैक प्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया कि अभियान के दौरान नगरीय तथा विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बीसी के माध्यम से खाताधारकों से संपर्क कर खातों को पुनः सक्रिय किया जा जाये ताकि खाते में उपलब्ध राशि खाताधारकों को मिल सके।

बैठक में कलेक्टर बालागुरू के. ने कहा कि सरकारी विभागों, स्कूलों, नगरीय निकायों, पंचायतों, स्व-सहायता समूहों, शासकीय-अर्द्धशासकीय समितियों तथा सहकारी संस्थाओं एवं समितियों के खाते बैंकों में संचालित होते हैं। कई कारणों से बहुत से खाते निष्क्रिय हो जाते हैं। उन्होंने ऐसे सभी खातों को सक्रिय करने के निर्देश दिये। इसके लिये उन्होंने एलडीएम को बीसी के लिए एसओपी बनाने के लिये कहा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे खाताधारकों से आसानी से सम्पर्क किया जा सके।

बैठक में एलडीएम जयदीप भट्टाचार्य ने बताया कि जिले में निष्क्रिय खातों में शासकीय खाते, इंस्टीट्यूशनल खाते, खुदरा खाते सहित कुल 1,69,310 खाते हैं, जिनमें 34.12 करोड़ रूपये की राशि है। इस अवसर पर बैंक शाखाओं के द्वारा प्राप्त किए गए 31 खातों के आवेदनों जो कि निष्क्रिय से सक्रिय किया जाना है, उन ग्राहकों के खातों को सक्रिय किया गया तथा उन्हें सक्रियता प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। उन्होंने बताया कि जिले में 01 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 तक महत्वपूर्ण स्थानों पर कैंप लगाए जा रहे हैं, जिनमें सभी निष्क्रिय खातों को सक्रिय करने का कार्य किया जा रहा है। इन शिविरों का उद्देश्य ऐसे सभी अक्रियाशील खातों का तीव्र गति से निपटान करना है, जो पिछले 10 वर्षों से निष्क्रिय पड़े हुए हैं।

बैठक में जानकारी दी गई कि यदि बैंक खाता 10 वर्षों से अधिक समय से निष्क्रिय बना हुआ है, तो संबंधित व्यक्ति अथवा उनके परिवार के लोग उस खाते में जमा राशि को प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें भारतीय रिजर्व बैंक के उद्गम पोर्टल पर जाना होगा और कुछ प्रक्रियाओं के बाद वे उक्त जमा राशि का मालिकाना हक पा सकते हैं। वर्तमान नियमानुसार यदि खाते में 02 वर्ष से ज्यादा समय तक लेनदेन नहीं किया जाता है तो वह बैंक खाता निष्क्रिय हो जाता है। साथ ही 10 वर्ष तक खाते में लेनदेन नहीं होने पर बैंक, जमा राशि को भारतीय रिजर्व बैंक को ट्रांसफर कर देती है और धनराशि भारतीय रिजर्व बैंक के जमाकर्ता शिक्षण और जागरूकता (डीईए) निधि में जमा रहती है। भारतीय रिजर्व बैंक के उद्गम पोर्टल पर जमाकर्ता या उनके परिवार के सदस्य जमा पूंजी को ढूंढ सकते हैं और संबंधित बैंक में संपर्क कर जमा राशि प्राप्त कर सकते हैं। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव, भोपाल उप आंचलिक प्रबंधक श्रीमती संगीता गुप्ता, आरबीआई एलडीओ भोपाल धीरज गुप्ता, एलडीएम जयदीप भट्टाचार्य सहित बैंकों प्रतिनिधि एवं अनेक बैंकों के समन्वयक भी उपस्थित रहे।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

Related Articles

Back to top button