मध्यप्रदेश

₹63 लाख,58 हजार से अधिक शासन की राशि के दुरुपयोग का मामला : इछावर तहसील कार्यालय में पदस्थ शा. लिपिक रायकवार बर्खास्त

शासन को पहुंचाई गंभीर क्षति

₹63 लाख,58 हजार से अधिक शासन की राशि के दुरुपयोग का मामला : इछावर तहसील कार्यालय में पदस्थ लिपिक रायकवार शासकीय नौकरी से बर्खास्त

सीहोर/इछावर, 13 फरवरी 2026
एमपी मीडिया पॉइंट

कलेक्टर बालागुरु के. द्वारा शासकीय राशि के दुरुपयोग के गंभीर मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए इछावर तहसील कार्यालय में पदस्थ सहायक वर्ग-03 (लिपिक) सुशील कुमार रायकवार को शासकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। विभागीय जांच में शासकीय राशि 63,58,894 रुपये के दुरुपयोग की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई।

जांच प्रतिवेदन के अनुसार आरोपी कर्मचारी द्वारा कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग कर राशि का अवैध हस्तांतरण स्वयं एवं अन्य सहयोगियों के खातों में किया गया। प्रकरण में यह भी पाया गया कि शासन द्वारा राहत राशि के रूप में प्रदत्त धनराशि को अनियमित रूप से विभिन्न खातों में अंतरित किया गया, जिससे शासन को गंभीर आर्थिक क्षति पहुँची।

विभागीय जांच अधिकारी की रिपोर्ट में आरोप पूर्णतः प्रमाणित पाए जाने पर म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के प्रावधानों के तहत दंड अधिरोपित किया गया। कलेक्टर बालागुरु के. द्वारा जारी आदेशानुसार रायकवार को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक किया गया है।

साथ ही दुरुपयोग की गई राशि 63,58,894 रुपये की वसूली के निर्देश भी जारी किए गए हैं। जारी आदेश में उल्लेख है कि निर्धारित अवधि में राशि जमा न करने की स्थिति में भू-राजस्व की भाँति वसूली की कार्रवाई की जाएगी।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

Related Articles

Back to top button