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अज्ञान से ज्ञान और सत्य की ओर ले जाने वाली है श्रीमद्भागवत पुराण, इसके श्रवण मात्र से ही मानव मोक्ष का अधिकारी हो जाता है। -जगतगुरु पं अजय पुरोहित

धर्म/आध्यात्म

अज्ञान से ज्ञान और सत्य की ओर ले जाने वाली है श्रीमद्भागवत पुराण, इसके श्रवण मात्र से ही मानव मोक्ष का अधिकारी हो जाता है।
-जगतगुरु पं अजय पुरोहित

सीहोर, 31 जनवरी 2026
एमपी मीडिया पॉइंट

*सात दिवसीय कथा में जगदगुरु पंडित अजय पुरोहित ने भगवान विष्णु के 24 अवतारों के बारे में विस्तृत रूप से बताया
*धूमधाम से मनाया भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव, लगाए जयकारे
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संसार में पुण्य कार्य करने चाहिए। पुरुषार्थ प्राप्त करने के लिए भगवान की आराधना करनी चाहिए। इससे भक्ति में वृद्धि होती है। भागवत अज्ञान से ज्ञान और सत्य की ओर ले जाने वाली है। संसार के प्राणी अनेक चीजों से पीड़ित है, उसका एक ही समाधान है कथा का श्रवण करना। भगवान की शरण में आने से मनुष्य का जीवन सार्थक हो जाता है और सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।

उक्त विचार शहर के छावनी स्थित नगर पालिका के समीपस्थ चमत्कालेश्वर महादेव समिति के तत्वाधान में जारी सात दिवसीय भागवत कथा के चौथे दिन जगदगुरु पंडित अजय पुरोहित ने व्यक्त किए, साथ ही भगवान विष्णु के 24 अवतारों के बारे में विस्तृत रूप से बताया।

उन्होनें परिक्षित और शुकदेव जी के बारें में बताते हुए कहा कि कलयुग आगमन के समय पांडव के वंशज परीक्षित को सुखदेव ने भागवत सुनाई थी। इसके बाद ही उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। यहां से मोक्ष की प्राप्ति के लिए भागवत सुनाने का प्रचलन शुरू हुआ। भगवान विष्णु के प्रमुख अवतारों जैसे वामन, और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का वर्णन किया और कहाकि जब धर्म की हानि होती है तो ईश्वर अवतार लेकर पृथ्वी को पापियों से मुक्त कराते हैं और धर्म की स्थापना करते हैं।

जगद गुरु पं पुरोहित ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने भक्तों का उद्धार व पृथ्वी को दैत्य शक्तियों से मुक्त कराने के लिए अवतार लिया था। उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धरती पर अवतरित होते हैं। जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। अनेक संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई, तो उसे अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। भगवान की लीला वे स्वयं ही समझ सकते हैं। भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और भगवान श्रीकृष्ण गोकुल पहुंच गए। भगवान श्रीकृष्ण गोकुल में नित्य ही माखन चोरी लीला करते हैं। मां यशोदा के बार-बार समझाने पर भी श्रीकृष्ण नहीं मानते हैं तो मां यशोदा ने भगवान को रस्सी से बांधना चाहा पर भगवान को कौन बांध सकता है, लेकिन भगवान मां की दयनीय दशा को देखते हुए स्वयं बंध जाते हैं। इसलिए भगवान को न धन, पद व प्रतिष्ठा से नहीं बांध सकता। भगवान तो प्रेम से बंध जाते हैं।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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