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सीहोर :…संतान ने दिया संताप तो “तन्मयता” के साथ एसडीएम के फैसले ने दिया सम्मान

सुकून देता समाचार...

सीहोर :…संतान ने दिया संताप तो “तन्मयता” के साथ एसडीएम के फैसले ने दिया सम्मान

हाइलाइट्स
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एसडीएम न्यायालय ने बुजुर्ग मां को दिलाया भरण-पोषण का अधिकार,
बुजुर्ग महिला की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई, पुत्र को मासिक भरण-पोषण देने का आदेश,
पूर्व में भी दे चुके हैं एसडीएम वर्मा इसी प्रकार के फैसले

सीहोर, 24 फरवरी, 2026
एमपी मीडिया पॉइंट

आज एसडीएम सीहोर के कोर्ट से निकला फैसला यह दर्शाता है कि माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कानून प्रभावी रूप से कार्य कर रहा है। साथ ही यह समाज के लिए एक संदेश भी है कि बुजुर्ग माता-पिता को सम्मानजनक जीवन देना केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि बच्चों की जिम्मेदारी और सामाजिक संवेदनशीलता का भी विषय है।

पूरी ख़बर यह है कि सीहोर जिले के ग्राम पीपलिया मीरा निवासी श्रीमती कमला बाई ने अपने भरण-पोषण के लिए जब कानून का दरवाजा खटखटाया तो यह मामला केवल एक पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज के सामने बुजुर्ग माता-पिता की स्थिति का एक वास्तविक चित्र भी प्रस्तुत करता है। पति के निधन के बाद उन्होंने अपने पुत्र के सहारे जीवन यापन की उम्मीद की थी, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि उन्हें अपने ही घर से अलग रहना पड़ा और भरण-पोषण के लिए दूसरों पर निर्भर होना पड़ा।

श्रीमती कमला बाई ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के अंतर्गत सीहोर एसडीएम तन्मय वर्मा के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि पिछले एक वर्ष से उनके पुत्र संजय द्वारा उन्हें घर में नहीं रहने दिया जा रहा है तथा उनकी भूमि के उपयोग में भी बाधा उत्पन्न की जा रही है। भरण-पोषण की व्यवस्था न होने के कारण उन्हें रिश्तेदारों के यहां रहकर जीवन यापन करना पड़ रहा है। उन्होंने अपने जीवन निर्वाह हेतु भरण-पोषण राशि दिलाने का आग्रह किया।

एसडीएम तन्मय वर्मा ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया और पुत्र को न्यायालय में उपस्थित होने का नोटिस जारी किया। सुनवाई के दौरान जब पुत्र माता का भरण पोषण नही करने का कोई ठोस कारण नहीं बता पाया, तब न्यायालय ने आदेश देते हुए उसे अपनी माता को प्रतिमाह 1500 रुपये भरण-पोषण राशि देने के आदेश दिए।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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