आष्टा

पहली बार लोकसभा, विधानसभा में महिलाओं को मिलेगा 33 प्रतिशत आरक्षण- मुख्यमंत्री डॉ यादव

आष्टा में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान बोले मुख्यमंत्री

पहली बार लोकसभा, विधानसभा में महिलाओं को मिलेगा 33 प्रतिशत आरक्षण- मुख्यमंत्री डॉ यादव

आष्टा/एमपी, 12 अप्रैल, 2026
एमपी मीडिया पॉइंट

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी सशक्तिकरण के इतिहास में पहली बार महिलाओं को लोकसभा एवं विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने वाला है, जो महिला सशक्तिकरण और नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी की ओर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा कि भारत माता और सभी बहनों के प्रति सम्मान की भावना के कारण हमारी भारतीय संस्कृति पूरी दुनिया में हजारों वर्षों से जानी जाती है। हमारे देश में माताओं और बहनों की देवी की तरह पूजा की जाती है। रक्षाबंधन तो साल में एक बार आता है, पर हर महीने लाड़ली बहनों का इस प्रकार आशीर्वाद मिलना भी रक्षाबंधन से कम नहीं, यह हमें दुगुनी ऊर्जा के साथ कार्य करने की क्षमता देता है। इस अवसर उन्होंने बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर का स्मरण करते हुए कहा कि डॉ अंबेडकर ने हमारे देश को लोकतंत्र और सामाजिक समरसता के साथ-साथ संविधान तो दिया ही, अपितु उन्होंने बहनों की शिक्षा को भी अत्यधिक महत्व दिया। मुख्यमंत्री डॉ यादव आष्टा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। 05 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश की 65 लाख बहनें आर्थिक रूप से समृद्ध हुई हैं। इसमें 12 लाख से अधिक तो लखपति दीदियां हैं। सीहोर जिले में 9,477 स्वयं सहायता समूह संचालित हो रहे हैं, जिनमें एक लाख से ज्यादा दीदियां हैं।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि अब बच्चे प्राइवेट स्कूलों को छोड़कर शासकीय स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं, यह मजबूत होती शिक्षा व्यवस्था को दर्शाता है। हमारी सरकार बच्चों को निःशुल्क शिक्षा के साथ किताबें, गणवेश, साइकिल सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इतना ही नहीं बल्कि हायर सेकेंडरी में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए लैपटॉप भी दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही अपने स्कूल में टॉप करने वाले बच्चों को स्कूटी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि कृषि और किसानों को हर क्षेत्र में समृद्ध बनाने के लिए किसान कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। कृषि में सिंचाई का रकबा निरंतर बढ़ रहा है, जो वर्तमान 55 लाख हैक्टेयर हो गया है, जिसमें विगत दो वर्षों में 10 लाख हैक्टेयर की बढ़ोत्तरी हुई है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए भी सरकार निरंतर कार्य कर रही है, किसानों से 2625 रुपये के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उनकी गेहूं की उपज खरीदी जा रही है। अब किसानों को 24 घंटे खेत में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों को शासन की योजना के अंतर्गत मात्र 05 रुपये में बिजली कनेक्शन दिया जा रहा है। प्रदेश में दूध उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा हमारी सरकार युवा, महिला, गरीब, किसान सहित हर नागरिक के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम को देवास सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी और आष्टा विधायक गोपाल सिंह इंजिनियर ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा, पिछड़ा वर्ग मंत्री एवं जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सीताराम यादव, सीहोर विधायक सुदेश राय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रचना मेवाड़ा आदि विशेष रुप से मौजूद रहे।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों में असंतोष

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के कार्यक्रम में कुछ जनप्रतिनिधि इस बात को लेकर असंतुष्ट दिखाई दिए कि उन्हें पार्टी और प्रशासन ने मंच पर स्थान नहीं दिया। खासतौर पर महिला पार्षद श्रीमती भट्ट ने तो भाजपा से ही इस्तीफा देने की बात कह डाली। उनका आरोप है कि भाजपा में महिला नेत्रियों की उपेक्षा की जा रही है।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी
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