सीहोर

…..और जनसुनवाई के दौरान एक महिला और उसके पति के बीच हो गई तमाचे मारामारी

पति का आरोप सुन बिफर गई महिला..

…..और जनसुनवाई के दौरान एक महिला और उसके पति के बीच हो गई हाथापाई

सीहोर, 23 दिसंबर 2025
एमपी मीडिया पॉइंट

आज मंगलवार को जनसुनवाई अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर जिले भर के दूर दराज से 60 आवेदक पहुंचे, कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में मौजूद विभागीय अधिकारियों ने जमीन-ज्यादाद,सरकारी योजनाओं,बीपीएल कार्ड,आपसी विवाद,मुआवजा आदि से संबधित समस्याओं को सुना और कुछ का निराकरण भी कर दिया।

लेकिन इसी कार्यक्रम के दौरान सीहोर जनसुनवाई में आई एक महिला और उसके पति के बीच जमकर हाथापाई भी हुई जो तमाशा बन गई। जानकारी अनुसार महिला का आरोप रहा कि उसके पति ने दूसरी महिला से शादी कर ली है मेरे दो बच्चे हैं। पति अब मुझे ओर दोनों बच्चों को छोड़कर अब दूसरी महिला के साथ रहने लगा है।

बता दें कि जनसुनावाई में पति और पत्नी दोनों ही अपने-अपने परिजन के साथ आये थे, इसी बीच अधिकारी के समक्ष पति ने बच्चों को किसी दूसरे के बच्चे बताया, पति के दूसरे व्यक्ति के बच्चे बताने से बिफरी पत्नी और उसके परिजन में कलेक्टर कार्यालय में ही पति एवं उसके परिजनों से बहस करने लगे वाद-विवाद कब हाथापाई में बदल गया मालूम ही नहीं चला और दोनों परिजन एक दूसरे से भिड़ गए, कलेक्टर कार्यालय में मौजूद सुरक्षा कर्मी एवं अन्य कर्मचारियों ने बमुश्किल दोनों पक्षों को अलग- अलग कराया।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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