मुंबई

ईरान-भारत का दोस्ताना : होर्मुज के रास्ते मुंबई पहुंचा पहला क्रूड ऑयल टैंकर, खत्म हो सकती एलपीजी की किल्लत

कच्चे तेल में से निकली पक्की दोस्ती !

ईरान-भारत का दोस्ताना : होर्मुज के रास्ते मुंबई पहुंचा पहला क्रूड ऑयल टैंकर, खत्म हो सकती एलपीजी की किल्लत

मुंबई, 12 मार्च 2026
मीडिया रिपोर्ट

ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी भीषण संघर्ष और तनावपूर्ण हालातों के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। महीनों से कच्चे तेल की किल्लत और एलपीजी के लिए मची हाहाकार के बीच, पहला कच्चा तेल टैंकर ‘शेनलोंग’ सुरक्षित रूप से मुंबई के बंदरगाह पर पहुंच गया है।

लाइबेरियाई ध्वज वाला यह विशाल टैंकर सऊदी अरब के ‘रास तनुरा’ बंदरगाह से कच्चा तेल लेकर चला था। युद्ध के कारण होर्मुज जल डमरू मध्य में जहाजों की आवाजाही पर लगे कड़े प्रतिबंधों के बीच इस टैंकर का भारत पहुंचना एक बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है।

खास बात यह है कि इस क्रूड ऑयल टैंकर की कमान एक भारतीय कप्तान के हाथों में थी। ईरान द्वारा होर्मुज के संकरे समुद्री रास्ते में इस टैंकर को ‘क्लियरेंस’ मिलना भारत और ईरान के बीच की गहरी दोस्ती का प्रमाण माना जा रहा है। पिछले कई हफ्तों से भारत में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित थी और ग्राहकों को 25-25 दिनों की वेटिंग का सामना करना पड़ रहा था। इस खेप के आने से अब रिफाइनरियों में काम तेजी से शुरू होगा और घरेलू व कमर्शियल गैस की किल्लत जल्द खत्म होने की उम्मीद है।

होर्मुज में ईरान का सहयोग और भारत की राहत

ईरान-अमेरिका युद्ध शुरू होने के बाद से ‘स्ट्रैट ऑफ होर्मुज’ दुनिया का सबसे खतरनाक समुद्री इलाका बन गया था। यह रास्ता वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माना जाता है। संकट के इस दौर में ईरान ने भारत के प्रति अपनी ‘दोस्ती’ निभाते हुए भारतीय चालक दल वाले इस टैंकर को रास्ता दिया। सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार ने ईरान के साथ उच्च स्तरीय कूटनीतिक बातचीत की थी, ताकि देश में ऊर्जा संकट को गहराने से रोका जा सके। ‘शेनलोंग’ टैंकर के मुंबई पहुंचने की ताजा तस्वीरों ने बाजार में सकारात्मक संदेश भेजा है।

लाखों टन कच्चे तेल की खेप और आपूर्ति श्रृंखला

टैंकर ‘शेनलोंग’ लाखों बैरल कच्चे तेल से लदा हुआ है। मुंबई पोर्ट पर इस तेल को उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसके बाद इसे सीधे रिफाइनरियों में पाइपलाइन के जरिए भेजा जाएगा। पेट्रोलियम विशेषज्ञों का मानना है कि इस एक खेप से महाराष्ट्र और आसपास के राज्यों में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में आ रही रुकावट काफी हद तक दूर हो जाएगी। पिछले कुछ दिनों से जो होटल व्यवसायी चूल्हा जलाने पर मजबूर थे और घरवाले रिफिल के लिए भटक रहे थे, उनके लिए यह खबर किसी संजीवनी से कम नहीं है।

क्या अब कम होंगे गैस के दाम?

तेल की इस ताजा खेप के आने से आपूर्ति में तो सुधार होगा, लेकिन क्या अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भी कम होंगी, यह अभी एक बड़ा सवाल है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि आपूर्ति बहाल होने से घरेलू बाजार में ‘आर्टिफिशियल स्कैरसिटी’ (कृत्रिम कमी) के कारण हो रही कालाबाजारी पर लगाम लगेगी। सरकार अब अन्य देशों से भी इसी तरह सुरक्षित कॉरिडोर के जरिए तेल मंगाने की योजना पर काम कर रही है। मुंबई पोर्ट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और कोस्ट गार्ड इस टैंकर की निगरानी कर रहे है।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी
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