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हरीश राणा का ऐतिहासिक निधन : सबको माफ करते हुए और सबसे माफी मांगते हुए सो जाओ।

भारत में 'इच्छा मृत्यु' का पहला केस

हरीश राणा का ऐतिहासिक निधन : सबको माफ करते हुए और सबसे माफी मांगते हुए सो जाओ।

मीडिया रिपोर्ट, 24 मार्च 2025

गाजियाबाद: पिछले 13 साल से कॉमा में पड़े गाजियाबाद के हरीश राणा का एम्स में निधन हो गया है। सुप्रीम कोर्ट से इच्छामृत्यु की इजाजत मिलने के बाद हरीश राणा को बीते रविवार को दिल्ली के एम्स में शिफ्ट किया गया था, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनकी इच्छामृत्यु की प्रक्रिया पूरी की गई।

करीब 13 साल पहले हरीश चंडीगढ़ में अपने पीजी के चौथे फ्लोर से गिर गए थे, जिसके बाद से ही वह कॉमा में थे। उनके ठीक होने की उम्मीदें टूटने के बाद परिवार ने हरीश के लिए सुप्रीम कोर्ट से इच्छामृत्यु मांगी थी और आखिरकार उन्हें 13 साल के दर्द से मुक्ति मिल गई।

हरीश राणा का अंतिम संस्कार दिल्ली में होगा या गाजियाबाद में, इस संबंध में अभी परिवार की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई है। हरीश का परिवार मूल से रूप से हिमाचल प्रदेश का रहने वाला है, लेकिन बाद में उनके पिता परिवार को लेकर दिल्ली आ गए थे। हरीश के इलाज के लिए उनके पिता को दिल्ली का अपना घर बेचना पड़ा और पूरा परिवार गाजियाबाद में एक छोटे से फ्लैट में आकर रहने लगा था।

हरीश इच्छामृत्यु पाने वाले पहले व्यक्ति

भारत में इच्छामृत्यु पाने वाले हरीश राणा पहले व्यक्ति थे। हरीश उस समय पंजाब यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे, जब यह दर्दनाक हादसा हुआ। वह चंडीगढ़ स्थित अपने पीजी में फोन पर अपनी बहन से बातें कर रहे थे कि अचानक चौथे फ्लोर से नीच गिर गए। हादसे में उनकी कमर और सिर में गहरी चोटें आईं और वह कॉमा में चले गए। परिवार ने उनके इलाज के लिए सबकुछ किया, लेकिन हरीश फिर से खड़े ना हो सके।
सबसे माफी मांगते हुए, सबको माफ करते हुए गए हरीश

सुप्रीम कोर्ट ने उनके पिता की अर्जी पर सुनवाई करते हुए इच्छामृत्यु की इजाजत दी थी। कोर्ट ने अपने फैसले में दिल्ली के एम्स को निर्देश दिया कि हरीश के लाइफ सपोर्ट को एक सुनियोजित तरीके से हटाया जाए, ताकि उनकी गरिमापूर्ण मृत्यु हो सके। एम्स में शिफ्ट किए जाने से पहले एक ब्रह्म कुमारी ने उनका तिलक किया और कहा कि सबको माफ करते हुए और सबसे माफी मांगते हुए सो जाओ।

राजेश शर्मा

राजेश शर्मा मप्र से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दैनिक अख़बारों- दैनिक भास्कर नवभारत, नईदुनिया,दैनिक जागरण,पत्रिका,मुंबई से प्रकाशित धर्मयुग, दिनमान के पत्रकार रहे, करीब पांच शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक चैनलों में भी बतौर रिपोर्टर के हाथ आजमाए। वर्तमान मे 'एमपी मीडिया पॉइंट' वेब मीडिया एवं यूट्यूब चैनल के प्रधान संपादक पद पर कार्यरत हैं। आप इतिहासकार भी है। श्री शर्मा द्वारा लिखित "पूर्वकालिक इछावर की परिक्रमा" इतिहास एवं शोध पर आधारित है। जो सीहोर जिले के संदर्भ में प्रकाशित पहली एवं बेहद लोकप्रिय एकमात्र पुस्तक में शुमार हैं। बीएससी(गणित) एवं एमए(राजनीति शास्त्र) मे स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के पश्चात आध्यात्म की ओर रुख किए हुए है। उनके त्वरित टिप्पणियों,समसामयिक लेखों,व्यंगों एवं सम्पादकीय को काफी सराहा जाता है। सामाजिक विसंगतियों, राजनीति में धर्म का प्रवेश,वंशवाद की राजसी राजनिति जैसे स्तम्भों को पाठक काफी दिलचस्पी से पढतें है। जबकि राजेश शर्मा खुद अपने परिचय में लिखते हैं कि "मै एक सतत् विद्यार्थी हूं" और अभी तो हम चलना सीख रहे है..... शैलेश तिवारी

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